नवीनतम लेख/रचना

  • कुछ सपनें टूट गए तो क्या

    कुछ सपनें टूट गए तो क्या

    कुछ सपनें टूट गए तो क्याकुछ अपने रूठ गए तो क्याजीवन के ……दुर्गम पथ परकुछ साथी छूट गए तो क्यासूरज तो फिर भी निकलेगानयी सुबह फिर भी आएगी फिर भोर करेगें पक्षी करलवफिर पवन सुगंध फैलाएगीयह अंधकार...

  • तुम…. बस पागल कर देती हो

    तुम…. बस पागल कर देती हो

    नैन कमान के चितवन से …..बस घायल कर देती हो कैसे तुमको समझाऊँ तुम…. बस पागल कर देती होजन्मों से प्यासा था मैं, हलक में लार थी बची नहींप्यासे प्यासे कंठ में तुम, प्रिय गंगाजल भर देती...







  • मिस्ड काल

    मिस्ड काल

    मिस्ड कॉल पड़ी स्मृति के किसी कोने जिनमें दर्ज हो सकती है किसी की शरारत किसी की भूल किसी की ज़रूरत किसी की आदत किसी की विपन्नता मिस्ड कॉल असंख्य बार उभर आते हैं मोबाइल स्क्रीन...


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