नवीनतम लेख/रचना


  • नारी का सम्मान

    नारी का सम्मान

    नारी और पुरुष समाज रूपी रथ के दो पहिये हैं। दोनों के सांमजस्य से संसार में जीवंतता का संगीत सुनाई देता है। उसका यशगान भारतीय संस्कृति में सदा से होता रहा है। नारी की महिमा का...

  • गणतंत्र दिवस

    गणतंत्र दिवस

    आप सभी भारतीय मित्रों को ६६ वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ , जय हिन्द – जय भारत सीना चौड़ा कर रहे ,वीर देश की शान हर दिल चाहे वर्ग से ,करिए इनका मान करिए इनका...



  • ” जीवन “

    ” जीवन “

    दु:ख, मिलता है,अगर हम, खुशियां इकट्ठा, करने में लगे हैं। सुख, मिलता है अगर हम, खुशियाँ , बाटने में लगे हैं। यह दु:ख-सुख, है क्या? दोनों भाई हैं, ऐसे भाई हैं। कभी साथ नहीं रहते। आते...

  • इन्कलाब की आँधी हूं

    इन्कलाब की आँधी हूं

    मै इन्कलाब की आँधी हूं मै विचलित होती नहीं हूं चाय वार्ता से चलते हुए भारत से ही अमेरिका को बुलाती हूं मै इन्कलाब की आँधी हूं चट्टानों से टकराती हूं आसमान छू आती हूं सागर...

  • “गंगा”

    “गंगा”

    जन्म हिमालय से लेती, खुशी राग लिये हुए चहकती। जैसे गाती और नाचती, जैसे हो एक नन्ही बेटी। देंवो की वो है नदी, धरती पर हुई भागीरथी। मैदानी भागों में उतरती, यहाँ एक सभ्य रमणी होती।...


  • बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ

    बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ

    लिया तूने जब जन्म, फोड़ी क्यों हाँडी काली जन्म संग मिली नफरत, न गई नाज से पाली लड़का लेता जन्म जब, रौनक चेहरे पर आती करें बच्चों में भेदभाव, जगत की रीत निराली समझते क्यों बोझ...

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