नवीनतम लेख/रचना

  • मंगल पाँडे

    मंगल पाँडे

    अग्रदूत बनकर स्वतंत्रता का , उसने शंखनाद किया ! लेकर साथ जवान,किसान, शुरू उसने संर्घष किया! देश को,आजाद कराने की , कसम उसने थी मन में खाई ! देश की खातिर मर मिटने की, आग सीने...

  • देश गान

    देश गान

    क़ताः मुबारक हो तुम्हें ये शुभ घड़ी,तुमको बधाई है । सलामत तू रहे,दिल से मेरे आवाज़  आई  है ।। तेरा गुलशन सदा आबाद रहे, मेरे  वतन । प्यार की ख़ुशबू से दिल शाद रहे मेरे वतन...

  • शुभ कामना !

    शुभ कामना !

    बहुरंगी दुनिया भले , रंग भा गए तीन , बस केसरिया , सित, हरित ,रहें वंदना लीन | रहें वंदना लीन ,सीख लें उनसे सारी , ओज ,शूरता ,त्याग , शान्ति हो सबसे प्यारी | धरा...


  • मेरा भारत महान

    मेरा भारत महान

    हमारे इस विशाल विश्व में, हर देश की अपनी इक शान है , अपनी भाषा है, अपनी संस्कृति है, अपनी वेशभूषा,अपनी भाषा से पहचान है, हमारी यह दिव्य भूमि भारत वर्ष, , इन सब में सबसे...



  • मन

    मन

    मन चंचल क्यों होता है | कभी हँसता कभी रोता है | कभी सपने आकाश छूने के | कभी धरती पर रह जाने के | सुकून नहीं कभी मिलता कहीं| कहीं छोटे-छोटे पल दे जाते खुशियां...

  • नन्हा सैनिक

    नन्हा सैनिक

    चारों ओर से धमाकों की आवाज़ आ रही थी I ऐसा लग रहा था मानो दीपावली हो, पर यह पटाखों की नहीं बल्कि हथगोलों और बंदूकों की आवाज़े थी I सन्नाटे को चीरती जब किसी जवान...


कविता