नवीनतम लेख/रचना




  • नवगीत

    नवगीत

    रोजी रोटी की खातिर, फिर चलने का दस्तूर निभायें क्या छोड़ें, क्या लेकर जायें नयी दिशा में कदम बढ़ायें। चिलक चिलक करता है मन बंजारों का नहीं संगमन दो पल शीतल छाँव मिली, तो तेज धूप...


  • ग़ज़ब चीज है राजनीति!

    ग़ज़ब चीज है राजनीति!

    हम सभी अगर किसी बड़े और अच्छे मकसद के लिए निकलते हैं तो घर के भगवान के साथ साथ रास्ते के हर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च में सर झुकाने से गुरेज नहीं करते. हमने भरपूर प्रयास...

  • रिश्ते

    रिश्ते

    रिश्ते ******** बहुत खूबसूरत होते है वो रिश्ते जो दिल से जुङते है क्यूंकि उनमे निस्वार्थ अपनापन होता है स्वार्थ से वशीभूत रिश्ते दम तोड़ देते है किसी न किसी मोड़ पर तन्हा छोड़ देते है...




कविता