इतिहास

पुरुष बेचारा

पुरूष बेचारा, किस्मत का मारा नहीं मिलता उसे किनारा, गधों की तरह दिन भर, रोजी रोजगार करता, घर पहुंचता तो माँ,बाप,पत्नी के उलाहने, शिकायतें सुनता, बच्चों की फरमाइशें सुनता, बेचारा बोल भी नहीं पाता। ऊपर से माँ के ताने बीबी के बेसुरे तराने सहता, अपनी कहे भी तो किससे, सिर्फ़ कुढ़कर रह जाता अगली सुबह […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मनुष्य के जन्म-मरण का कारण एवं इन दुःखों से छूटने के उपाय

ओ३म् हम संसार में प्रतिदिन मनुष्यों का जन्म होते हुए देखते हैं। प्रतिदिन देश विदेश में हजारों लोग मृत्यु के ग्रास बनते हैं। ऐसा सृष्टि के आरम्भ से होता आ रहा है। हम सभी ऐसा ही अनुमान व विश्वास भी करते हैं। इस सबको समझने के बाद भी मनुष्य इस विषय को जानने का प्रयत्न […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विशेष सदाबहार कैलेंडर- 164

1.गुरु ज्ञान का द्वार है, गुरु प्रभु से मिला दे, मुक्ति का अनुभव करवा कर, भय-भ्रम-भेद का भाव मिटा दे. 2.जग को सुरभि दे खुश होना, सीखा हमने गुरुजन से, जैसे वे देते हैं शिक्षा, हमको पूरे तन-मन से. 3.मैं हूं सबकी सखी-सहेली, पुस्तक मेरा नाम है, जग में ज्ञान की ज्योत जलाना, मेरा पावन […]

सामाजिक

डर के आगे जीत

यह सही है कि कोरोना संकट के बीच स्कूलों का खुलना डरा रहा है।परंतु थोड़ी तसल्ली भी है कि जूनियर सेक्शन को अभी इससे अलग ही रखा गया है। नौवीं से लेकर ऊपर तक की कक्षाओं को कड़े नियमों के अनुसार तमाम पाबंदियों के साथ पचास फीसदी बच्चों को ही अनुमति के साथ विद्यालय खोलने […]

कविता

उस्तरे की धार

भारत के पोलिंग पार्टियों को 80 वर्ष और इनसे अधिक उम्रवाले तथा दिव्यांग मतदाताओं के ‘मत’ को उनके घर जाकर लेने चाहिए ! •••••• कुछ लोग ऐसे यहाँ जरूर हैं, जो हर मोड़ पर अपना रंग बदलते हैं कि गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाय ! •••••• दुश्मन को लगे हुकाहुकी की तित्ति. यहाँ हाथ नहीं […]

अन्य लेख

आडंबर ‘संस्कृति’ को नष्ट करता है !

देश सिर्फ ‘पति’ और ‘पत्नियों’ से ही निर्मित नहीं है । देश में उम्रदराज कुँवारी कन्या भी है, तो कम उम्र की विधवा भी ! आप इनकी स्थितियों को नजरअंदाज़ कर रहे हैं । उम्रदराज़ कुँवारी और कम उम्र की विधवाओं के विवाह कैसे हो पाएगी, इनमें आप सबकी दिलचस्पी नहीं है ? आपको तो […]

बोधकथा

सिम्पलीसिटी

कुछ देर पहले ही बाहर से घर आया हूँ ! बारिश में भींग गया हूँ ! अब तो धूप खिल आई है, प्रकृति हरीभरी और निराली है! ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो सफल और संपन्न होकर भी सिम्पलीसिटी में जीते हैं । यह तो बड़प्पन है । कहने का मकसद है, सम्पन्नता पाकर अगर […]

इतिहास

डॉ. के.आर. नारायणन जन्मशती

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. के.आर. नारायणन के जन्मदिवस पर सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि ! भारत के 10वें, किन्तु SC समुदाय से प्रथम राष्ट्रपति डॉ. कोचेरिल रमन नारायणन का जन्म केरल के एक बेहद गरीब परिवार में 27 अक्टूबर 1920 को हुआ था। वे लन्दन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, दिल्ली स्कूल ऑफ स्कूल आदि के छात्र भी […]

लघुकथा

पुराने नोट

कहीं से कथा ली हूँ कि एक भक्त ने पाँच सौ रुपये का पुराने नोट मंदिर में चढ़ाया। पुजारी भड़क गए- ‘ये नहीं चलेगा।’ ‘भाई, मैंने भगवान को दिया है, तू क्यों भड़क रहा है ?’ भक्त बड़े शांत मन से कहा।

कविता

अब तुम्हारे लिए

लेखनी बनकर बस तुम रहो साथ मैं लिखूं गीत बस अब तुम्हारे लिए..।। जो बचे खाली पन्ने हैं अरमानों के प्रीति उस पर लिखूं मैं तुम्हारे लिए..।। मेरी फीकी हंसी में मिला दो हंसी मुस्कुराउंगा मैं बस तुम्हारे लिए..।। रूठकर मुझसे तुम न सताया करो प्रेम मेरा है बस अब तुम्हारे लिए..।। साथ से साथी […]