नवीनतम लेख/रचना

  • गिनती

    गिनती

    मंजरी ने दूध का बर्तन आगे बढ़ाते हुए कहा। “भइया आज से सिर्फ आधा लीटर दूध दिया करो।” दूध वाले भैया ने बिना दूध दिए ही कहा। “दीदी दो महीने का हिसाब बाकी है। वो मिल...

  • ‘निकी न्यूट्री चॉकलेट’

    ‘निकी न्यूट्री चॉकलेट’

    सुबह-सुबह निकी ने अखबार खोला, तो सबसे पहली खबर थी- ”जीत के बाद बोले कोहली, साझा प्रयासों से मिली सफलता” ‘साझा प्रयास’ शब्द से उसे याद आई कुछ दिन पहले की वह सुनहरी खुशनुमा शाम, जब...

  • गीत

    गीत

    अच्छे हैं इंसान यहां सब किसीको कम ना आँको तुम औरों को बुरा कहने से पहले ज़रा खुद में झाँको तुम हालात बना देते हैं होता जन्म से बुरा कोई नहीं कौन सी ऐसी आँख है...


  • हाइकु

    हाइकु

    घात लगाए कुटिल पाकिस्तान बाज न आए ! आकार लघु गंभीरता समेटे होते हाइकु ! गर्भ में कली डरती क्या करती की भ्रूणहत्या ! चारदीवारी हुई असुरक्षित रिश्ते विक्षिप्त पहाड़ कर्ज मौत का आलिंगन धरतीपुत्र पिसी...

  • मां मुझको वो कथा सुना दे

    मां मुझको वो कथा सुना दे

    मां मुझको वो कथा सुना दे, सुनकर जिसको वीर शिवा ने, कदम बढ़ाया और चले वो, मातृभूमि की शान बढ़ाने. मां मुझको वो ज्ञान सिखा दे, सुनकर जिसको अर्जुन जी ने, पांडव कुल की आन बचाई,...


  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    हे जगत के अन्नदाता भूख को भर दीजिये। हों सभी के शिर सु-छाया संग यह वर दीजिये। उन्नति के पथ डगर पिछड़े शहर का भी नाम हो- टप टपकती छत जहाँ उस गाँव को दर दीजिये॥-1...

  • शिक्षण क्रांति

    शिक्षण क्रांति

    जब तक न हुई थी हरित क्रांति, सर्वत्र व्याप्त थी विपदा-भ्रांति, हरित क्रांति से मिली हरीतिमा, अब करनी हमको शिक्षण क्रांति. भटक रहे हैं छात्र हमारे, अनुशासन का काम नहीं है, सभ्यता को भूल गए वे,...