नवीनतम लेख/रचना

  • आजा़दी हमारी

    आजा़दी हमारी

    हिम्मत,ताक़त,शौर्य विहंसते,तीन रंग हर्षाये हैं ! सम्प्रभु हम,है राज हमारा,अंतर्मन मुस्काये हैं !! क़ुर्बानी ने नग़मे गाये, आज़ादी का वंदन है ज़ज़्बातों की बगिया महकी, राष्ट्रधर्म -अभिनंदन है सत्य,प्रेम और सद्भावों के,बादल तो नित छाये हैं...

  • आज़ादी

    आज़ादी

    कर लो नमन उनको, जिन्होंने दिलाई आज़ादी हमको। क्या वाक़ई हम आज़ाद हुए हैं? या अपने ही अपनो को मार रहे हैं। बँट गया भारत माँ का कलेज़ा, तर-बितर छितरा हुआ सा।। कर लो नमन उनको...

  • स्वप्न…अंतर्मन की एक ग़ज़ल!!

    स्वप्न…अंतर्मन की एक ग़ज़ल!!

    मन के उद्वेलित सरवर में स्वप्न भाव के नीलकमल हैं नैनों के पृष्ठों पर अंकित अन्तर्मन की एक ग़ज़ल हैं। स्वप्न निराशा के आॅगन में आशाओं की परिभाषा हैं स्वप्नों के सागर में हरदम रह कर...

  • जय हिन्द

    जय हिन्द

    जिस डग,पग पड़े संत के, वो पावन हो जाती है । ये संतो की भूमि है भारत, देव प्रकट कर जाती है ।। पत्थर मे भी देव जहाँ है, जहाँ नारी पूजी जाती है, जहाँ प्रभु...



  • नागवंश और नागपूजा : नागपंचमी

    नागवंश और नागपूजा : नागपंचमी

    एक जानकारी के मुताबिक उड़ने वाले सांपो की प्रजाति का पता चला।दक्षिण अमेरिका में इस प्रकार की प्रजाति के सांप के फन अवशेष शोधकर्ताओं को प्राप्त हुए ।टेरासोर की नई प्रजाति को “ऑलकारेन”नाम दिया गया।शोधकर्ताओं का...

  • सच्ची आजादी

    सच्ची आजादी

    भारत भू का बच्चा-बच्चा दीवाना है ढोंगी नेताओं से अपना देश बचाना है शौर्य-वीरता हमारी मजबूत इस्पात समान   हम हैं शेर और चीन-पाक गीदढ दुश्मन     सैनिक सदा अपना सैन्यधर्म निभाये हर नागरिक अपने...


  • शहीद

    शहीद

    कल रात मेरे सपने मे /आजाद भगत सिंह आए ऐसे वीर शहीदों को/सम्मुख पाके हम हर्षाए हम बोले हे वीर शहीदों/अपने कदमो की थोड़ी सी रज दे दो/ मेरा जीवन सफल हो जाएगा/ मै भी कुछ...

कविता