नवीनतम लेख/रचना



  • गीत – धुंधली तस्वीरें

    गीत – धुंधली तस्वीरें

    धुंधली धुंधली तस्वीरें है धुंधला जीवन का खेल हुआ जब उम्र ढली तब पता चला कैसे लोंगो से मेल हुआ–!! लड़खड़ाया बचपन जब तेरा मेरे हाथ तेरी बैसाखी थे जवान हुई तेरी राहें मेरे नैन दिया...




  • कविता

    कविता

    हे मनुज अब जाग जाओ तुम सफ़ल जीवन बनाओ प्रेम का दीपक जलाकर अब तिमिर को तुम मिटाओ हिम्मतों से काम लो तुम ये कदम आगे बढ़ाओ त्याग कर अवसाद आलस अब ज़रा कुछ कर दिखाओ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    ज़माना है बड़ा ज़ालिम, मुहब्बत है परेशानी, जवानी है अक़ीदत है, इबादत है परेशानी। गुज़ारिश है मेरी ज़ानिब, ज़रा तुम गौर से देखो, मुसाफ़िर है सफ़र में है, हक़ीकत है परेशानी। सहारा है इशारा है, नदी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रूठा रूठा रहता है जानम, कुछ बात बताये तो हम उसे (उन्हें)मनाये कैसे, साजन पास कभी आये तो | है अभिमानी ताकत के मद में, करता केवल मन का धैर्य रखेगा क्या वह गर, कोई उसको...


राजनीति

कविता