कविता

कविता

धन दौलत की चाहत तो सबको होती है सही मार्ग अपनाकर हम सम्पदा बनाएं बहुत कमाई के चक्कर में उलझ गए तो संभव है ऐसी दौलत कुछ काम ना आए ।। काला बाजारी, रिश्वतखोरी ‌ बड़ी बीमारी इससे बचें खुद देश को भी इससे बचाएं सभी करों का करें हम भुगतान समय से देश की […]

लघुकथा

अनोखी रेस

  रेस शुरू हो चुकी थी। खचाखच भरे स्टेडियम में लोग साँस रोककर इस अनोखे रेस को देख रहे थे। दाल तेज दौड़ते हुए काफी आगे निकल चुकी थी कि तभी अचानक पेट्रोल और डीजल ने अपनी गति बढ़ा दी। पेट्रोल डीजल को तेज दौड़ते देख सबसे आगे चल रहे रसोई गैस के सिलेंडर के […]

राजनीति लेख

तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षा के मायने

विगत विधानसभा चुनाव में जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस का आत्मविश्वास आसमान पर है , पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायक लगातार पार्टी छोड़ तृणमूल कांग्रेस में वापस आ रहें है , तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त कई और राज्यों में अपनी सक्रियता बढा दी है , पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी […]

कविता

बच्चन जी

सत्ताइस नवंबर उन्नीस सौ सात को कायस्थ कुल में पैदा पिता प्रताप नारायण के घर मां सरस्वती देवी की कोख से प्रतापगढ़ ,उ.प्र. में जन्मा बालक बचपन में बच्चन कहलाया बड़े प्यार दुलार से। पारंभिक शिक्षा कायस्थ पाठशाला में हिंदी, उर्दू की शिक्षा पाई, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अंग्रेजी में एम.ए पास किया, कैंब्रिज में डब्लू. […]

कविता

व्यंग्य-संविधान दिवस

आइए ! मौका भी है दस्तूर भी है हमारे मन भरा फितूर जो है, आज भी हम संविधान संविधान खेलते हैं, जब रोज ही हम पूरी ईमानदारी से खेलते हैंं, तब आज भला खेलने से क्यों बचते हैं? चलिए तो सही आज संविधान दिवस की भी तनिक औपचारिकता निभाते हैं, आखिर साल के बाकी दिन […]

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जिंदगी

जिंदगी व्यस्त नहीं अस्त व्यस्त हो गई है, जिंदगी जिंदगी न रही मशीन बन गई है। यह कैसा समय आ गया है घर, परिवार, समाज, रिश्तेदार की अजी बात छोड़िए, आदमी खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पा रहा। ऐसा लगता है कि हम ठहरे अपने लिए समय निकाल तनिक अपने ख्याल में समय […]

कविता

ठोकर

ठोकर जब पाँव में लगता है इक नई सीख दे वो जाता है पैरों में दर्द गर देता है पर चलने की तमीज सिखलाता है राह में पड़ा वो अच्छा  है राही उनके सामने बच्चा है मूक बन मार्ग दिखलाता है चलने की तमीज सिखलाता दै ठोकर मार्ग में है तो अच्छा है सत्य मार्ग […]

ब्लॉग/परिचर्चा

उल्लू

अक्सर हम जब मोबाइल खोलते हैं, तो उसमें स्क्रीन पर अच्छी-अच्छी बातें लिखी होती हैं, पर हम (मैं अपनी बात कर रही हूं) इतनी जल्दी में होते हैं, मानो तूफान मेल छूट रही हो और आगे बढ़ जाते हैं. एक बार ऐसे ही हमारी नजर पड़ गई. उस दिन अभियन्ता दिवस (इंजीनियर्स डे) था. 15 […]

कविता

कविता

बिना कष्ट के कोई कहां निखरता है तप तप कर ही सोना आभूषण बनता है ।। गिरना, उठना और संभलना असफलताओं से सबक सीखना मंजिल तक का सफर तय किया करता है तपतप कर ही सोना आभूषण बनता है ।। अथक प्रयास से मिली सफलता कर्मफलों को मिली मान्यता नव- उत्साह ह्रदय में संचारित करता […]

गीत/नवगीत

संविधान

मैं जन – गण – मन  का  अरमान  हूँ हिन्दुस्तान का सम्मान , अभिमान हूँ । गणतंत्र,स्वतंत्रता,समानता का पोषक हॉ …मैं  ही  भारत का  संविधान  हूँ ।। मैं  लाल  किले  का  सम्मान हूँ डॉ.भीमराव अंबेडकर की रचना हूँ । समान कानून,मौलिक अधिकार देने वाला मैं ही भारत का संविधान हूँ ।। मैं सभी धर्मों,संप्रदायों का […]