नवीनतम लेख/रचना

  • विदा २०१४

    विदा २०१४

    दिन +हफ्ते +महीने कर कर के २०१४ का कलेंडर बदल गया ….यदि कुछ नहीं बदला तो वह है इंसान का दिलोदिमाक …नए से कोई ख़ास उम्मीद नहीं पर हा जैसे पिछले चार-पांच साल बिते वैसे ना...


  • नव वर्ष की बधाई !

    नव वर्ष की बधाई !

    नवीन उमंग नव मन में तरंग नव नाद उन्माद नव कामना का ज्वार हो नव-नव ताल में मुदित नव कंज जैसे नैनों में नवीन नित सपना विशाल हो नवीन प्रभात संग नवीन सौगात लिए नव-नव खुशियाँ...

  • चाय की प्याली में

    चाय की प्याली में

    बाबू प्रेमलाल न सिर्फ नाम बल्कि काम से भी बाबू ही थे। वे अपने को आॅफिस का बाबू कम बापू ज्यादा मानते थे। उनके अनुसार परिवार में जो स्थिति बाप की होती है, वही आॅफिस में...

  • मर रहा है बचपन

    मर रहा है बचपन

    आज फिर पुराना वर्ष गया न्या वर्ष आया है लोगों के मन मस्तिष्क में अद्भित सी उत्सुकता लाया है कुछ खोने का गम कुछ पाने की ललक लाया है पहले से कुछ बेहतर होने की चाहत...





  • ‘नववर्ष का नवगान’

    ‘नववर्ष का नवगान’

    नववर्ष अभिनन्दन ,मंगलकामनाएं इस गीत के माध्यम से ………।                  स्वागत ,अभिनन्दन नववर्ष                       नवहर्ष, नवोत्कर्ष नववर्ष का स्वर्णिम विहान ,नव इतिहास रच जाये खुशियों की सरसों लहलहाए ,बुराइयों का तिमिर ढल जाये                              हर...

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