नवीनतम लेख/रचना


  • तीन वरदान

    तीन वरदान

    मोनू एक गरीब सपेरा था। वह अपनी विधवा माँ के साथ एक झोपड़ी में रहता था। गरीबी के कारण वह पढ़ लिख नहीं सका। इसलिए जंगल में साँप पकड़कर उनका जहर निकालता और पिटारी में भरकर...




  • बेटी को माँ की सीख

    बेटी को माँ की सीख

    ससुराल में जाकर बेटी माँ का संस्कार तु भूल न जाना नित्य कर्म-धर्म करके तु एक संस्कारी बहू कहलाना सासुजी को माँजी कहना ससुरजी को पिता समझना पति को जीवन-साथी देवर को अपना बेटा मानना दोस्त...

  • क्षणिकायें…

    क्षणिकायें…

    1-खुशी रास्ते में मिले पेड़ नदी और सागर लेकिन खुश हुआ एक दिन मैं तुम्हें पाकर   2-रास्ता मेरा सिर्फ तुझसे है वास्ता तेरी और ही जाता है मेरा हर रास्ता   3-हीरा तेरे नूर से...

  • लघु कथा : खिलवाड़

    लघु कथा : खिलवाड़

    मै  एक  ऐसे  शहर  मे रहती  हूं  जहां  कैफेटारिया  भी  नही    और  ना  ही  गाँव की   तरह   खुशनुमा प्राकृतिक वातावरण जहां  इत्मिनान  से शाम बिताई जा सके।  पड़ोसियों से  देश  दुनियाँ   की  चर्चा  या...


  • प्यार का बंधन

    प्यार का बंधन

      अर्पण आज तुमको हैं जीवन भर की सब खुशियाँ पल भर भी न तुम हमसे जीवन में जुदा होना रहना तुम सदा मेरे दिल में दिल में ही खुदा बनकर ना हमसे दूर जाना तुम...