नवीनतम लेख/रचना

  • पर्यटकों के साथ लूट

    पर्यटकों के साथ लूट

    महाबलेश्वर महाराष्ट्र के सतारा जिले के अंतर्गत आने वाला एक मशहूर पर्यटन स्थल जहां न सिर्फ़ दूर दराज के लोग छुट्टियां का आनंद मनाने यहां आते हैं बल्कि आस पास के कई शहरों के लोग यहां...

  • परछाईं 

    परछाईं 

    बस अभी अभी तो आई थी माँ की परछाईं थी । आभा भरी मैं प्रेम की अनुराग बन सहज सा आँखों में सपने थे कलियों सी मुस्काई थी बस अभी अभी तो आई थी माँ की...

  • रिश्ता

    रिश्ता

      तुझे देखा नही ,पर तुझे चाह लिया तुझे ढूँढा नही , पर तुझे पा लिया .. सच !!! कैसे कैसे जादू होतें है ज़िन्दगी के बाजारों में …. रिश्ता अभी अभी मिले है , पर...




  • एक प्रशासक का राजनीति में आना …

    एक प्रशासक का राजनीति में आना …

    कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दो कार्यकाल अर्थात लगातार दस साल तक प्रधान मंत्री की कुर्शी सम्हालानेवाले डॉ. मनमोहन सिंह एक प्रशासक थे. वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने कई आर्थिक सुधर करवाये, जो अनवरत जारी...

  • सभी लोग

    सभी लोग

    भोर भोर के समय में, जा रहे थे मोड़ पर साथ में सभी लोग। आपस में, सुख दुख लिये। कर रहे थे, कुछ एैसी बातें। तब तक आया गाड़ी वाला, कहाँ जाना है जनाब, बोला तब...

  • मौसम का आनन्द

    मौसम का आनन्द

      कभी ठन्ड बारिश का, मुझको खौफ दिखा करके। कब तक रोकोगी मईया, आंगन में आने से। माना हम हैं आज सुरक्षित, तेरे आंचल में। पर कब तक रखोगी मईया, ढककर आंचल से। ढका रहा गर...

  • अस्तेय-व्रत

    अस्तेय-व्रत

    अस्तेय का अर्थ है– चोरी न करना। किसी वस्तु को बिना मूल्य चुकाए या परिश्रम किए बिना प्राप्त करना भी चोरी है। जिस वस्तु पर हमारा अधिकार नहीं हैं, उसे पाने की इच्छा बीजरूप में चोरी...

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