नवीनतम लेख/रचना

  • तुम मेरे बेताब मन का….

    तुम मेरे बेताब मन का….

      तुम मेरे बेताब मन का दूसरा हिस्सा बन गये  हो  जिसे सुनता रहूँ  प्रेम का  वही किस्सा बन गये हो    हर तरफ तेरे सिवाय  मुझे अब कुछ नजर आता नहीं   दो जिस्म पर एक जान सा अटूट रिश्ता बन गये  हो    माह...

  • होली हायकु

    1 भीगी है चोली सुलगा तन मन विरही होली । 2 होली में लाल रंग नहायी पिया खुश्बू तू ख्याल । 3 भीगी चुनर ज्यों सुधियाँ बरसी नयन कोर । 4 बांका है छोरा रंग डाला...

  • होली है भाई होली है

    होली है भाई होली है

    बचपन मे रहता था इंतजार होली का स्कूल से छुट्टी का दोस्तो के साथ मौज-मस्ती का स्वादिष्ट वयंजन खाने का अपनी अपनी टोली बना कर जाए घर घर ढ़ोल बजा कर जो मिले रास्ते मे पिचकारियों...







  • भक्ति का स्वरूप

    भक्ति का स्वरूप

    ईश्वर भक्ति ईश्वर की पूजा व उसका सत्कार है। भक्त अपने जिन कृत्यों से अपने अराध्य देव को प्रसन्न करने की चेष्टा करता है वह सब भक्ति के अन्तर्गत आता है। भक्त का अराध्य ईश्वर है...

कविता