राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक बांग्लादेश यात्रा

विगत 6 व 7 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बांग्लादेश यात्रा कई मायने में ऐतिहासिक व सफल कही जा सकती है। पीएम मोदी की बांग्लादेश यात्रा की हनक और धमक भारत के धुर विरोधी चीन और पाकिस्तान दोनों में ही सुनायी पड़ रही है। वहीं भारत के अंदर प्रमुख राजनैतिक विरोधी दल कांग्रेस को […]

कहानी

कहानी : “माँ”

“सूरा-40 अल-मोमिन,” पवित्र कुरआन को माथे से लगाते हुए उस्ताद अख़लाक़ ने कहा, “शुरू नामे-अल्लाह से। जो बड़ा ही मेहरबान, और निहायत ही रहम करने वाला है। यह पवित्र कुरआन उतारी गई है, अल्लाह की तरफ से। जो ज़बरदस्त है। वह जानने वाला है। वह माफ़ करने वाला और तौबा कुबूल करने वाला है। वह […]

गीत/नवगीत

गीत : बेटे की विदाई

अम्मा ने आटे के नौ-दस, लड्‍डू बाँध दिये; बोलीं- ‘रस्ते में खा लेना, लम्बी दूरी है।’ ‘ठोस’ प्रेम का ‘तरल’ रूप, आँखों से छलकाया। माँ की ममता देख कलेजा, हाथों में आया। ‘दही-मछरिया’* कहकर मेरे, गाल-हाथ चूमे। समझाया कि सिर पे गमछा बाँध लियो लू में। बार-बार पल्लू से भीगी, पलकें पोंछ रहीं; दबे होंठ से […]

कविता

कविता : जाने वाला

जाने वाला चला जाता पीछे छोड़ जाता एक लंबी खामोशी एक खालीपन एक खलाह एक दरिया एक औरत के दिल में ही नही बल्कि हर उस इंसान की ज़िंदगी में जो हैं जुड़ा उसके साथ जी रहा उसके साथ जाने वाला ले जाता हैं साथ अपने वो रंग वो खुशियाँ वो मुस्कान वो जीने का […]

गीत/नवगीत

नवगीत : हम बेरोजगार हैं

डिग्रियां नहीं जल रहीं हमारे ख्वाब जल रहे हैं फ्यूचर जला है ऐसे हम रोज मर रहे हैं सरकार वो कहाँ है जिसे हमने चुना था अपने वोटों से जिसे हमने बुना था कोई पूछता है जब कौन हो तुम तो हम कहते हैं हम बेरोजगार हैं हम बेरोजगार है लडका हो या लड़की हर […]

मुक्तक/दोहा

दो मुक्तक

ठंडी बयार मन को मेरे गुदगुदा गई झुलसे हुए बदन को थोड़ा सरसरा गई काली घटा को प्यार से दामन में समेटे हौले से इक फुहार मुझे थपथपा गई पंच तत्व में सूर्य रश्मि ने ऊर्जा का संचार किया चित्र कार ने नवल चित्र का रंगों से श्रृंगार किया शस्य श्यामला माँ ने भरी बलायें […]

संस्मरण

मेरी कहानी – 33

तरसेम अब अपनी ज़िंदगी में मसरूफ हो गिया था और हमारा मिलन बहुत कम  हो चुका था। कभी कभी ही मैं उस के घर जाता और जब भी जाता उस की पत्नी सीबो मेरी बहुत आव भगत करती । सीबो एक बहुत सीधी साधी लड़की थी। बाहिर आ कर तरसेम सीबो की शकायतें करता रहता था। मुझे […]

कविता

बाबुल की सीख

बेटी ब्याह के जब पराए घर जाती है | सीख अपने बाबुल से यही लेकर जाती है | अब खत्म तुम्हारी मनमानी हो गई है | शुरू तुम्हारी इक नई कहानी हो गई है | कदम हर अपना सोच समझ कर उठाना | बाबुल का सदा अपने तुम मान बड़ाना | अब साथ हमारा तुमसे […]