नवीनतम लेख/रचना



  • काश अगर तुम कह जाते..

    काश अगर तुम कह जाते..

    कहा होता इशारों से हम वो भाषा भी समझ जाते तुम् मेरे हो सिर्फ मेरे हो सुनने को कान तरस जाते रही तङप अब बाकि मन मे अधरो से जाम छलक जाते होती हे धङकन तुम...

  • माँ से मामा की बातें

    सुनती हो माँ !!!!!!! हाँ सुनती हूँ!!!! बोलो ना मेरे प्यारे मुन्ना माँ,चन्दा मामा मुझसे इतनी दूर क्यों रहता हैं? तू नहीं जनता मेरे भोले बच्चे नहीं माँ……………….. आज बता ना मुझे जानना है मामा के...


  • करो न आहट

    करो न आहट

    करो न आहट धडकनों टुकड़े दिल के जुड़ रहे हैं करो न आहट आहों बहते आंसू सूख रहे हैं करो न आरज़ू कोई बिखरा अक्स बन रहा है करो न फरियाद कोई होगा न कोई मोल...


  • नूतन गीत

    नूतन गीत

      तुम्हारे रखते ही कदम  उपवन की  उदास कलियाँ गयी खिल  पत्तियों की नोकों पर  अटकी हुई बूंदें गयी गिर  बड़ने लगा नदी का जल स्तर प्यासे खेतों की माटी तक पहुँचा नीर  निशाने पर लगा ...



कविता