धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

वाल्मीकि के राम और वैदिक धर्म

सृष्टि के आरम्भ से अब तक संसार के इतिहास में अगणित महापुरूष हुए हैं परन्तु ज्ञात पुरूषों में अयोध्या के राजा दशरथ पुत्र श्री राम चन्द्र जी का स्थान अन्यतम है। इसका प्रमाण वाल्मीकि रामायण एवं विश्व इतिहास में हुए प्रसिद्ध महापुरूषों के जीवन चरित्र हैं। श्री राम चन्द्र जी के जीवन चरित्र लेखक महर्षि […]

कहानी

“व्हाट्सअप का लास्ट सीन,..या एक रिश्ते का अन्तिमदर्शन”

अरे पल्लू तुम रो क्यूं रही हो,.. कोई हमेशा के लिये तुम मुझसे दूर थोड़े ही जा रही हो,… तुम ही तो चाहती हो न कि शादी करके नई जिन्दगी शुरु करने से पहले तुम अपने कैरियर पर कॉन्सनट्रेट करो ,..और फिर कुछ ही महीनों की तो बात है,..जहां सात साल हमने इंतजार किया कुछ […]

कविता

!! नारी तुम !!!!!!!

नारी तुम माधुर्य हो इस सृष्टि की सुन्दर रचना का स्वर से सज्जित रागिनी हो विश्व वीणा के सप्तक का शक्ति तुम्ही हो लक्ष्मी तुम्ही हो सर्व गुण सम्पन्न शारदा श्रद्धा स्नेह, करुणा , ममता हो तुम्ही प्रिया , प्रियंवदा सॄजन तुम्ही से है सॄष्टि का तुम्ही श्रद्धा तुम्ही अर्चना घर मंदिर की ऋद्घि सिद्धि […]

उपन्यास अंश

उपन्यास : देवल देवी (कड़ी 52)

47. स्त्रैण सुल्तान देवगिरी में शाही खेमा लगा है। उस खेमे में सुल्तान मुबारक और वजीर खुशरव शाह मौजूद हैं। देवगिरी के राजा हरपाल देव की जीवित खाल खिंचवाने के बाद शाही खेमे में जश्न का माहौल है। इस वक्त मुबारक ने अजीब पोशाक पहन रखी है। कमर के नीचे लहंगा और उसके सीने पर चोली बंधी है। […]

हास्य व्यंग्य

बुद्धिजीवी का विमर्श

लोगों को (मुख्य रूप से बुद्धिजीवियों को) ये कहते हुए अक्सर सुनता हूँ कि वक्त बहुत खराब हो गया है। विमर्श के लिए कोई जगह शेष नहीं बची है। संक्रमण काल है। गुजरे जमाने को तो नहीं जानता पर जरुर 12 -15 साल से इन महान विचारकों और बुद्धिजीवियों को देख और पढ़ रहा हूँ। […]

लघुकथा

देवी पूजा

आंख खुलते ही हर रोज की तरह आज भी रसोईघर से मम्मी  की आवाज के साथ -साथ बरतनों की उठापटक की आवाज सुनाई दी,पर हैरानी की बात आज कामवाली बाई की आवाज नहीं आ रही थी। जाकर देखा तो माँ नौकरानी  की बेटी को डांट रही थी जो रोते-सुबकते रात के झूठे पडे बरतनों  को […]

हास्य व्यंग्य

.ये खेल है कब से जारी, बिछड़े सभी बारी बारी

आम आदमी पार्टी पूरी वैज्ञानिक पद्धति पर चल रही है। इसमें डार्विनवाद की छाया दिखाई देती है। लेमार्कवाद की ग्रोथ झलकती है। न्यूटन की गति के नियम चल रहे है। अंततः रॉकेट की तरह व्यवहार कर रही है। रॉकेट साइंस सबसे बड़ी साइंस है। लोग मजाक में भी कहते है की इसमें कोण सी रॉकेट […]

उपन्यास अंश

यशोदानंदन-३१

कालिया नाग ने श्रीकृष्ण  के आदेश का त्वरा से पालन किया। श्रीकृष्ण  भी मुस्कुराते हुए अपने स्वजनों के पास लौट आए। वृन्दावन के वासियों, माता यशोदा, महाराज नन्द और समस्त गोधन को तो जैसे उनके प्राण वापस मिल गए। सबने एक-एक करके श्रीकृष्ण  को गले लगाया। माता यशोदा, माता रोहिणी और महाराज ने जब श्रीकृष्ण  […]

सामाजिक

संसार से धार्मिक अज्ञान व अन्धविश्वासों को दूर करने का क्या कोई उपाय है?

विगत दो या तीन शताब्दियों में देश व दुनियां में विज्ञान ने अभूतपूर्व उन्नति की है। आज से दो सौ साल पहले किसी ने सोचा भी न था कि कभी हमारे देश या संसार में बैलगाड़ी व तांगे का युग समाप्त होगा और साईकिल, पेट्रोल से चलने वाले स्कूटर वा मोटरसाइकिल, कार, रेल, भूमिगत मैट्रो, […]

कविता

उम्मीद भरा वो सारे पल

उम्मीद भरा वो सारे पल, अब विखरता जा रहा है। बीत गये सुख भरे पल, दु:ख भरा पल आ रहा है। एक-एक होकर सामने, धुधलापन होता जा रहा है। कायम है अंधेरा सामने,बढता हुआ चला आ रहा है। रोशनी के लिये हर पल, कोशिश करता जा रहा हूँ। मगर कमी तेल का सामने,नज़र में पड़ता […]