नवीनतम लेख/रचना


  • कौन है रामपाल ?

    कौन है रामपाल ?

    कांग्रेस के शासन मे रामपाल ने 40 बार कोर्ट की अवमानना करने वाला जिसके  टोंटे नमो सरकार ने ढीली कर दी आखिर कौन है ? आईये जाने इसके बारे में असली नाम: रामपाल सिंह जतिन शुरूआती...

  • ओस

    ओस

    क्यूँ पहचाने अपने व पराये स्व दर्द पाये। जीवी का रोला वल्ली खिली कलासी पंक में पद्म । रोला = घमासान युद्ध कलासी = दो पत्थर या दो लकड़ी के जोड़ के बीच का स्थान हिम का झब्बा...

  • अधूरी ख्वाहिशेँ

    अधूरी ख्वाहिशेँ

    पिता की झुर्रियों पर जमी है बर्षोँ की अधूरी ख्वाहिशेँ परत दर परत उधेड़ना चाहता है मन बची खुची जिन्दगी मेँ . . . सूनी आँखोँ मेँ अभी भी बाकी हैं सुनहरे सपने आने वाले दिनों...

  • बाल दिवस

    बाल दिवस

    ठिठुरते गुलाबी जाडे मेँ नन्हे हथेलियोँ से धोते हुए झूठे चाय के गिलास मेँ वह ढूँढ़ता है गर्म चाय की ऊष्मा काश थोड़ी गर्माहट मिल जाती इस कंपकंपाते हाथोँ को बूढ़ा मालिक जब चिल्लाता है उस...

  • आइये चले अँधेरे से उजाले की ओर

    आइये चले अँधेरे से उजाले की ओर

    मित्रो, आइये प्रण कीजिये की हम इन सभी धर्म मजहबो को छोड़ के कोई मानवतावादी और नैतिकतावादी सिद्धांत अपनाएंगे जो तर्क,बुद्धि और विज्ञान पर खरा उतरे। जो किसी बात को अन्धविश्वास के आधार पर आंख बंद...

  • दफ़न

    दफ़न

      काँच से बना टी टेबल या हो दर्पण चीनी का हो कप या कोमल पंखुरिया से घिरा सुमन प्यार की तरह कितना भी संभालो कभी न कभी टूट कर बिखर ही जाते है तब कितना...


  • ये कैसी न्याय व्यवस्था ?

    ये कैसी न्याय व्यवस्था ?

    संत रामपाल की गिरफ्तारी के लिये सुप्रीम कोर्ट की राज्य सरकार को फटकार l संत रामपाल जैसे तथाकथित संतों को सजा मिलनी ही चाहिये, हम सब यही चाहते हैं l लेकिन यही सुप्रीम कोर्ट इमाम बुखारी...

  • हीरोइन की मौत

    हीरोइन की मौत

    सारा शहर सन्नाटे में डूबा था। अजीब-सा सन्नाटा पसरा था, हर तरफ। सभी की आँखों में बस एक ही प्रश्न था-‘आखिर वह इतने जल्दी कैसे मर गयी? कुछ दिन और रुककर वह यह शाॅट देती तो...

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