नवीनतम लेख/रचना

  • आओ शोध करें

    आओ शोध करें

    मुझे एक ऐसे रिसर्च स्कोलर की आवश्यकता है, जो मेरे साहित्य पर गहराई से शोध करके अपने लिए पी. एच. डी. प्राप्त करना चाहता हो। विश्वास रखिये मैं शोधकर्ता का खून नहीं पिऊँगा, अपितु उसे रोज...

  • ग़ज़ल-  ****चाह तुम्हारी****

    ग़ज़ल- ****चाह तुम्हारी****

    मुझको कितनी चाह तुम्हारी। हर पल देखूँ राह तुम्हारी।। मन करता है गीत सुनाऊँ। और सुनूँ मैं वाह तुम्हारी।। आहत दिल को कितनी राहत। देती एक निगाह तुम्हारी।। भूल न पाऊँ याद कभी भी. आह तुम्हारी...

  • प्रगतिशीलता की दशा और दिशा

    प्रगतिशीलता की दशा और दिशा

    देश विकास कर रहा है। विगत साठ-पैंसठ वर्षों से देश ने विकास करते हुए, प्रगति के अनेक आयामों को छुआ है। देश की जनसंख्या का विकास हुआ। सबने कहा जनसंख्या-विस्फोट हुआ। भई! मैं तो चकरा जाता...




  • देह भर शोर…

    देह भर शोर…

    पहला पड़ाव है मन जहां आकर ठहरती है कुछ पल को कामनाएं, प्रार्थनाएं—। मन उगाता है पेड़ कि जिसकी छाया उसके कद से बड़ी है फूलों के साथ खिलती हैं प्रार्थनाएं पत्तियों के साथ झरती हैं...

  • तांका { 5 / 7 / 5 / 7 / 7 }

    तांका { 5 / 7 / 5 / 7 / 7 }

    1 भेंट है मिला बड़े संघर्षों बाद स्वतंत्र देश प्रजातांत्रिक वेश विश्व अग्रणी केश 2 गुणन योग्य है मधुमय तोष देव की आस माँ के गोद में खेलें हिन्द देश में होती 3 देव का भेंट...

  • रमज़ान मुबारक हो

    रोज़े को उसकी भावना के साथ बुरे कामों से बचते हुए और नेकियों में तरक़्क़ी करते हुए रखें ताकि रोज़ेदार का कैरेक्टर पहले से ज़्यादा बुलंद हो जाये. आप अपना कैरेक्टर बुलंद करके अपनी तक़दीर को...


राजनीति

कविता