सामाजिक

संस्कार

शाम का समय, बाजार में काफी चहल-पहल थी। कुछ लोग खरीदारी कर रहे थे, कुछ लोग वहीं खडे खोमचेवालों के पास खा रहे थे। सहसा सबका ध्यान एक तरफ से आ रही चिल्लाने की आवाज पर गया। एक आदमी पास खडी बूढ़ी भिखारन पर बुरी तरह से चिल्ला रहा था। वह अपने बच्चों के साथ […]

आत्मकथा

आत्मकथा – दो नम्बर का आदमी (कड़ी 21)

इस कटु अनुभव के बाद एच.ए.एल. में मेरे बने रहने का कोई अर्थ नहीं था और मैं वहाँ से भागने का मौका तलाशने लगा। सौभाग्य से वह अवसर शीघ्र ही आ गया। जून या जुलाई 1988 में इलाहाबाद बैंक के बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड, लखनऊ ने कम्प्यूटर विभाग के डिप्टी मैनेजर के पदों के लिए […]

सामाजिक

आर्य समाज सत्य-ज्ञान से पूर्ण एक वैश्विक धार्मिक संस्था

आर्य समाज ईश्वर प्रदत्त, संसार के सबसे प्राचीन, सत्य-ज्ञान व तर्क पर पूर्णतया आधारित वैदिक धर्म का विश्व में प्रचार-प्रसार करने वाली अपनी तरह की एकमात्र वैश्विक धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था है। अन्य देशी व विदेशी संस्थायें जो संसार में अपने-अपने धर्म व मतों का प्रचार करती हैं, वह अज्ञान व अन्धविश्वासयुक्त होने के […]

कविता

माँ 

आज वही बात दोहराऊँगी , जो माँ ने मूझे समझाई थी ! पूछ लिया था , माँ से मैंने जब तूम नहीं रहोगी माँ मैं केसे जी पाऊँगी ! तुम्हारे बिना मैं मर जाऊँगी माँ बोली थी ,देखो बेटी तू मूझे भूल जाओगी , जब तूम को भी बेटी होगी ! उस के लाड़ दुलार मैं […]

सामाजिक

जातिवाद

मित्रो, आज बहुत सी हिंदूवादी संस्थाये जाति और जातिवाद को बुरा कहती हैं (वो बात अलग है की ऐसे लोग स्वयं अपने नाम के पीछे जाति आधारित सरनेम लगाये घूमते हैं)। ऐसे लोग जाति को ठीक नहीं मानते पर वर्ण व्यवस्था का समर्थन करते हैं अर्थात समाज को धर्म ग्रंथो पर आधारित ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, […]

कविता

जब चला करती है ••••

मन्द पवन के झोके जब-जब चला करती है, खेतों में फसलों से लिपट जाया करती है। हवा ने उस लगे फसलों का स्पर्श पाकर , फसल के बदन को झकझोर दिया करती है। हवा को आते ही फसलों का सिहर उठना, फसल उसके आगोश में स्वयं आ जाती है। होता है दोनो का मिलन खुले […]

ब्लॉग/परिचर्चा राजनीति

आखिर हम कहाँ जाएँ?

जब कांग्रेस यानी यु पी ए -२ का भ्रष्टाचार सर चढ़कर बोलने लगा और भरतीय जनता को मोदी नीत भाजपा से आशा बंधी, भारतीय जनमानस ने उन्हें अभूतपूर्व बहुमत दिया. केंद्र के साथ कई राज्यों में भी सत्ता सौंपी. मोदी जी देश-विदेश में अपनी जीत का डंका बजाते रहे, भारतीयों को आशा बंधाते रहे कि […]

कविता

– खुशामद जो जीवन भर ना सीख पायें –

खुशामद ना कियें कभी भी और ना ही कर पायें अभी जब देखो तब हम सभी से अकड़ते आयें.. मात-पिता ने समझाया बहुत झुकना सीखो थोड़ा हो लड़की जात पर जैसे अपने खून में ही ना था और ना थी अपने बस की यह बात … धीरे-धीरे बड़े होते गये भाइयों के साथ ही खड़े […]

कविता

हम तुम्हारी ही परछाई है

अर्धांगनी है तुम्हारी तुम्हारे साथ ही जीना-मरना है हम तुम्हारी ही परछाई है परछाई की तरह ही साथ रहना है जब जब तुम लड़खड़ा कर गिरोंगे बढ़कर हम थाम लेंगे तुम्हें जो तुम देख नहीं पाओंगे वो चीज भी दिखायेंगे तुम्हें, भटक गए यदि कही दो राहें पर तो मंजिल का पता बताएगें तुम्हें, जब […]

सामाजिक

गौहत्या पर प्रतिबन्ध के विरोध में दिए जा रहे कुतर्कों की समीक्षा  

हरियाणा सरकार द्वारा गौ हत्या पर पाबन्दी लगाने एवं कठोर सजा देने पर मानो सेक्युलर जमात की नींद ही उड़ गई है। एक से बढ़कर एक कुतर्क गौ हत्या के समर्थन में कुतर्की दे रहे है। इनके कुतर्कों की समीक्षा करने में मुझे बड़ा मजा आया। आप भी पढ़े। कुतर्क नं  1. गौ हत्या पर […]