नवीनतम लेख/रचना


  • जीवन का संगीत

    जीवन का संगीत

    जो मेरा मनमीत बन गया। जीवन का संगीत बन गया।। जीवन की राहें रपटीली। उबड़ – खाबड़ और कँटीली।। हर पल-पल संग्राम ठन गया। जीवन का संगीत बन गया।। अपना जैसा सबको माना। हृदय दे दिया...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मैं कहाँ से था चला कहाँ आ गया। तूफ़ान से रास्ता मेरा टकरा गया। टुकड़े – टुकड़े जी रहा था ज़िन्दगी वक़्ते – आख़िर में ज़माना भा गया। रोज सूरज कर रहा है रौशनी, ज़िंदगी में...

  • बाल गीत – कुकड़ कूँ गाता

    बाल गीत – कुकड़ कूँ गाता

    सुबह हुई तो बाँग लगाता। मुर्गा गीत कुकड़ कूँ गाता।। कहता हमसे जागो प्यारे। आलस छोड़ो सुबह सकारे।। अपने साथ मुर्गियाँ लाता। मुर्गा गीत कुकड़ कूँ गाता।। कलगी लाल शीश पर डोले। मस्त चाल चलकर नित...

  • सतरंगी समाचार कुञ्ज-9

    सतरंगी समाचार कुञ्ज-9

    आप लोग जानते ही हैं, कि ‘सतरंगी समाचार कुञ्ज’ में सात रंगों के समाचार हम लिखते हैं, शेष रंगों के समाचार कामेंट्स में आपकी-हमारी लेखनी से लिखे जाएंगे. आइए देखते हैं इस कड़ी के सात रंग...

  • कल तुम्हारी जीत होगी

    कल तुम्हारी जीत होगी

    हौंसलो को आजमाओ ,साथ साहस का न छोड़ो । लाख भय हो हारने का ,तय सफलता भी मिलेगी । मत मनोबल टूटने दो ,कल तुम्हारी जीत होगी । डाल कर बाहें गले में ,वो बनी मनमीत...

  • जी चाहता है…

    जी चाहता है…

    ना कुछ चाहूँ ना किसीको चाहूँ सबकुछ छोड़कर जोगी बन जाऊँ जी चाहता है…. ना किसीकी चिंता ना किसीकी फ़िक्र ना किसीकी याद ना किसी का ज़िक्र सभी को भूल जाऊँ जी चाहता है…. प्यार का...



  • गीतिका

    गीतिका

    टपकते आंसुओं को खारा पानी न समझो, हो गई बात यूँ ही , आनी जानी न समझो। आहत मन के आह से बरसेगा तेजाब , इसी मोड़ पर खत्म ये कहानी न समझो । दुष्कर्म तुम्हारा,...

कविता