गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : मौका

  गजब दुनिया बनाई है, गजब हैं लोग दुनिया के मुलायम मलमली बिस्तर में अक्सर वे नहीं सोते यहाँ हर रोज सपने क्यों, दम अपना तोड़ देते हैं नहीं है पास में बिस्तर, वे नींदें चैन की सोते किसी के पास फुर्सत है, फुर्सत ही रहा करती इच्छा है कुछ करने की, पर मौके ही […]