गीत/नवगीत

गीत (मैं तो हूं केवल अक्षर)

मैं तो हूं केवल अक्षर तुम चाहो शब्दकोश बना दो लगता वीराना मुझको अब तो ये सारा शहर याद तू आये मुझको हर दिन आठों पहर जब चाहे छू ले साहिल वो लहर सरफ़रोश बना दो अगर दे साथ तू मेरा गाऊं मैं गीत झूम के बुझेगी प्यास तेरी भी प्यासे लबों को चूम के […]

गीत/नवगीत

मेघ जीवन

“मेघ जीवन” किरणों की मथनी से सूरज, मथता जब सागर जल को । नवनीत मेघ तब ऊपर आता, नवजीवन देने भूतल को । था कतरा कतरा सा पहले, धुनी तूल सा पूर्ण धवल । घनीभूत जुड़ जुड़ के हुआ तो, धरा काली घटा का रूप प्रबल । दमका तड़ित प्रचंड महा, चला चीर अम्बर के […]

गीत/नवगीत

प्रेम गीत

मैं प्रेम डगर राही, रहूँ प्रेम के गांव मे…मिट जाए तपन सभी, जुल्फों की छाँव में…. आई रुत मस्तानी खिलता सा यौवन है,देखा जब से तुझको, बहका फिर से मन है,पहना दूँ पैजनिया, तेरे अब पाँव में,मिट जाये तपन मेरी जुल्फों की छांव में. मैं प्रेम डगर राही, रहूँ प्रेम के गांव मे…मिट जाए तपन […]