कविता

मीराबाई

भक्तों में सिरमौर है मीरा, सन्तों में सिरमौर है मीरा। कवियों में सिरमौर है मीरा, भारत की पहचान है मीरा।। कुड़की गाँव में जन्मी वह , जोधा की पड़पोती थी। राठौड़ वंश में जन्मी मीरा, भारत की है शान मीरा।। रत्न सिंह की पुत्री थी , भोजराज की पत्नी । बचपन से दृढ़ निश्चयी मीरा, […]

कविता

प्रताप का भाला

राणा ने खाई घास की रोटियाँ, शैया जिनकी कंकड़ पर। अरावली की पहाड़ियाँ भी, राणा संग हो गई अमर।। अकबर सेना बहुत विशाल, प्रताप सेना पहुँची समर। देखि  चेतक चाल जबै, भगदड़ मच गई बीच समर।। चेतक ने अब पैर रखे, मान सिंह के हाथी पर। भय से हौदा हिल गया, गिरते गिरते भूमि पर।। […]

कविता

पंद्रह अगस्त

पंद्रह अगस्त सैंतालीस को, कैलेंडर दिवस था शुक्रवार। मिली इस दिन हमें आजादी, खुला अपने सपनों का द्वार।। आजादी  के  साथ  देश  ने, बंटवारे  का  दर्द भी झेला। आजादी  खातिर  गोरों  ने, खून की होली हमसे खेला। आजादी  की चाहत दिल में, सत्तावन में दहक उठी थी। कोलकत्ता  के  बैरकपुर में, मंगल  की  गोली  बोली […]

कविता पद्य साहित्य

आँसू छंद “कल और आज”

भारत तू कहलाता था, सोने की चिड़िया जग में। तुझको दे पद जग-गुरु का, सब पड़ते तेरे पग में। तू ज्ञान-ज्योति से अपनी, संपूर्ण विश्व चमकाया। कितनों को इस संपद से, तूने जीना सिखलाया।।1।। तेरी पावन वसुधा पर, नर-रत्न अनेक खिले थे। बल, विक्रम और दया के, जिनको गुण खूब मिले थे। अपनी मीठी वाणी […]

गीत/नवगीत

शौर्य की प्रतिमा

शौर्य की प्रतिमा तुम्हें, है मेरा शत-शत नमन। देह को अमरत्व दे, बौना किया तुमने गगन।। छोड़ कर  घर  द्वार, रत सीमा  सुरक्षा में रहे राम सा  ग्रह त्याग,जीवन  की परीक्षा  में रहे सर्दी गर्मी  बारिशें, करते रहे  नितदिन सहन यूँ सभी कर्तव्य को  उनने किया हँसके वहन शौर्य की प्रतिमा तुम्हें, है मेरा शत- […]

कविता

भारत यश गाथा

“भारत यश गाथा” ज्ञान राशि के महा सिन्धु को, तमपूर्ण जगत के इंदु को, पुरा सभ्यता के केंद्र बिंदु को, नमस्कार इसको मेरे बारम्बार । रूप रहा इसका अति सुंदर, है वैभव इसका जैसा पुरंदर, स्थिति भी ना कम विस्मयकर, है विधि का ये पावन पुरस्कार ।।1।। प्रकाशमान किया विश्वाम्बर, अनेकाब्दियों तक आकर, इसका सभ्य […]