गीतिका/ग़ज़ल

दूर रह कर हमेशा हुए फासले

दूर रह कर हमेशा हुए फासले ,चाहें रिश्तें कितने क़रीबी क्यों ना हों कर लिए बहुत काम लेन देन के ,विन मतलब कभी तो जाया करो पद पैसे की इच्छा बुरी तो नहीं मार डालो जमीर कहाँ ये सही जैसा देखेंगे बच्चे वही सीखेंगें ,पैर अपने माँ बाप के भी दबाया करो काला कौआ भी […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : ये रिश्ते काँच से नाजुक

ये रिश्ते काँच से नाजुक जरा सी चोट पर टूटे बिना रिश्तों के क्या जीवन, रिश्तों को संभालो तुम जिसे देखो वही मुँह पर, क्यों मीठी बात करता है सच्चा क्या खरा क्या है जरा इसको खँगालो तुम हर कोई मिला करता बिछड़ने को ही जीवन में मिले जीवन के सफ़र में जो, उन्हें अपना […]

कविता

ये सोचकर भ्रम में रहता है

कभी मानब वह कितना सक्षम ,समर्थ तथा शक्तिशाली है जिसने समुद्र, चाँद ,पर्बतों पर विजय प्राप्त कर ली है परमाणु के बिषय में गहन जानकारी प्राप्त कर ली है भौतिक समृधि की सभी चीजों को प्राप्त कर लिया है लेकिन शायद कभी उसने ये विचार भी किया है कि वह बास्तब में कितना असक्षम , […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल/गीतिका : ये कल की बात है

उनको तो हमसे प्यार है ये कल की बात है कायम ये ऐतबार था ये कल की बात है जब से मिली नज़र तो चलता नहीं है बस मुझे दिल पर अख्तियार था ये कल की बात है अब फूल भी खिलने लगा है निगाहों में काँटों से मुझको प्यार था ये कल की बात […]

गीतिका/ग़ज़ल

मैं ,शेर और साहित्यपीडिया

महकता है जहाँ सारा मुहब्बत की बदौलत ही मुहब्बत को निभाने में फिर क्यों सारे झमेले हैं http://wp.me/p7uU2K-1L5 गज़ब हैं रंग जीबन के गजब किस्से लगा करते जबानी जब कदम चूमे बचपन छूट जाता है http://wp.me/p7uU2K-1Bt हर पल याद रहती है निगाहों में बसी सूरत तमन्ना अपनी रहती है खुद को भूल जाने की http://wp.me/p7uU2K-1w7 […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल (रिश्तों के कोलाहल में ये जीवन ऐसे चलता है )

किस की कुर्वानी को किसने याद रखा है दुनियाँ में जलता तेल औ बाती है कहतें दीपक जलता है पथ में काँटें लाख बिछे हो मंजिल मिल जाती है उसको बिन भटके जो इधर उधर ,राह पर अपनी चलता है मिली दौलत मिली शोहरत मिला है यार कुछ क्यों जैसा मौका बैसी बातें ,जो पल […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : कौन साथ ले जा पाया है…

कौन किसी का खाता है अपनी किस्मत का सब खाते मिलने पर सब होते खुश हैं ना मिलने पर गाल बजाते कौन साथ ले जा पाया है रुपया पैसा महल अटारी धरा ,धरा पर ही रह जाता इस दुनिया से जब हम जाते इन्सां की अब बातें छोड़ों ,हमसे अच्छे भले परिंदे मंदिर मस्जिद गुरूदारे […]

लेख

करवा चौथ : परम्पराओं का पालन या अँधविश्वास का खेल

करवाचौथ के दिन भारतवर्ष में सुहागिनें अपने पति की लम्बी उम्र के लिए चाँद दिखने तक निर्जला उपवास रखती है. पति पत्नी का रिश्ता समस्त इस धरती पर सबसे जरुरी और पवित्र रिश्ता है आज के इस दौर में जब सब लोग एक दुसरे की जान लेने पर तुलें हुयें हों तो आजकल पत्नी का पति के लिए उपवास रखना किसी अजूबे से कम […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल (किस ज़माने की बात करते हो)

किस ज़माने की बात करते हो रिश्तें निभाने की बात करते हो अहसान ज़माने का है यार मुझ पर क्यों राय भुलाने की बात करते हो जिसे देखे हुए हो गया अर्सा मुझे दिल में समाने की बात करते हो तन्हा गुजरी है उम्र क्या कहिये जज़्बात दबाने की बात करते हो गर तेरा संग […]

कविता

फिर एक बार

फिर एक बार देश ने आंतकी हमला झेला फिर एक बार कई सैनिक शहीद हो गए फिर एक बार परिबारों ने अपनोँ को खोने का दंश झेला फिर एक बार गृह , रक्षा मंत्री ने घटना स्थल का दौरा किया फिर एक बार हाई लेवल मीटिंग की गयी फिर एक बार सभी दलों ने घटना […]