मुक्तक/दोहा

नीति के दोहे(माता)

दोहा : जननी से माता बड़ी, जिसने पालन कीन्ह। मातु यशोदा हर कंठ,देवकी  जन्म   दीन्ह।।   –अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर