हास्य व्यंग्य

यथार्त व्यंग = शीर्षक =प्रियतमा

प्रियतमा ने खुश होकर कहा बंद करो तकरार मिल कर होली खेलेंगे साल के बारहों मास साल के बारहों मास होगी झूम -झुमाई या सासू माँ से दूर हुई अब आरारआईया ================================== वाह प्रियतमा अब समझ मे आई तेरी बात ================================= जाऊंगी मयके मम्मी को ले आऊँ साथ बैठ पकौड़ी खाऊंगी मै, मम्मी प्रियतम के […]