Category : व्यंग्य

  • सरकारी मदद

    सरकारी मदद

    फाइलों के बोझ ढ़ोती , तंत्र की मारी मदद उपलब्ध बस विज्ञापनों में , शुद्ध सरकारी मदद ।। लोगों ने रुककर दे दिया था , एंबुलेंस को रास्ता मंत्री जी के काफिले में , फँस गई...



  • सड़क पर चलने की तमीज

    सड़क पर चलने की तमीज

    अशोक मिश्र मेरे एक मित्र हैं राम भूल उपाध्याय। कहते हैं कि राम ने जब उन्हें गढ़ा, तो मर्त्यलोक में भेजना ही भूल गया। काफी दिनों बाद याद आई, तो ढकेल दिया धरती पर, जाओ ऐश...


  • हल्के लोग (कविता)

    हल्के लोग (कविता)

    हल्के लोग करते हैं सदैव हल्की ही बातें और करते हैं सबसे ये उम्मीद क़ि उनकी हल्की बातों को भारी माना जाए इसके लिए देते हैं वे बड़े-बड़े और भारी-भारी तर्क जब भी उन्हें समझाया जाए...

  • लघु व्यंग्य : तलाश

    लघु व्यंग्य : तलाश

     गोवंश उदास हो तलाश कर रहा है असहिष्णुता का ढिंढोरा पीटनेवाले उन महानुभावों को जो पिछले दिनों कुछ अधिक ही सक्रिय रहे। वे खूब चीखे, चिल्लाए और विधवा विलाप कर अपनी छातियाँ पीटते हुए असहिष्णुता मन्त्र का...

  • व्यंग्य : बाबा के चरण

    व्यंग्य : बाबा के चरण

    “दद्दू गजब हो गया।” घीसू भागता हुआ आया। दद्दू ने घबराते हुए पूछा, “क्या हुआ बेटा?” “दद्दू बाबा के चरणों में जगह-जगह छेद हो गए हैं।” घीसू ने दुखी हो बताया। दद्दू भी दुखी हो गए,...