कविता

सरकारी मदद

फाइलों के बोझ ढ़ोती , तंत्र की मारी मदद उपलब्ध बस विज्ञापनों में , शुद्ध सरकारी मदद ।। लोगों ने रुककर दे दिया था , एंबुलेंस को रास्ता मंत्री जी के काफिले में , फँस गई , हारी मदद ।। जब तलक थी जान तन में , थे तगादे बैंक के मर गया फंदा लगा […]

हास्य व्यंग्य

नेता क्यों और कैसे बनें ?

क्या आप बेरोजगार हैं ? क्या जनता आप की इज्जत नहीं करती ? क्या आप अपराधी हैं और पुलिस आपको तंग करती है ? क्या आप करोड़ों वारे न्यारे करना चाहते हैं ? क्या इनकम टेक्स वाले आपको परेशान करते हैं ? क्या आप पूरे शहर में अपनी धाक ज़माना चाहते हैं ? क्या आप […]

हास्य व्यंग्य

अब तेरा क्या होगा कालिया (व्यंग्य)

काले धन उर्फ़ कल्लू, कल्लन, कालिया इन दिनों अधिकांश देशवासी तुम्हें दे रहे हैं जी भरकर गालियाँ। सरकार ने तुम्हें बाहर निकलने को कहा था लेकिन तुम नहीं निकले। फलस्वरूप तुम्हें बाहर निकालने को सरकार को बड़ा कदम उठाना पड़ा और उसके एक कदम उठाने से ही तुम्हारी ढिमरी टाइट हो गई तथा तुम्हारे आकाओं […]

हास्य व्यंग्य

सड़क पर चलने की तमीज

अशोक मिश्र मेरे एक मित्र हैं राम भूल उपाध्याय। कहते हैं कि राम ने जब उन्हें गढ़ा, तो मर्त्यलोक में भेजना ही भूल गया। काफी दिनों बाद याद आई, तो ढकेल दिया धरती पर, जाओ ऐश करो। तो कुल लब्बोलुआब यह है कि कल रात खबर मिली कि किसी से टकराकर राम भूल उपाध्याय चोटिल […]

हास्य व्यंग्य

प्रतिक्रिया (व्यंग्य)

हमेशा की तरह फिर से पड़ोस से आतंकी हमला हुआ और इस आतंकी हमले में हमारे कई वीर सैनिक शहीद हो गए। इस लोमहर्षक घटना पर देश में सभी ने अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दी। एक वीर रस के कवि ने इस आतंकी हमले पर त्वरित कार्यवाही की। उसने फटाफट एक आशु कविता का सृजन […]

कविता

हल्के लोग (कविता)

हल्के लोग करते हैं सदैव हल्की ही बातें और करते हैं सबसे ये उम्मीद क़ि उनकी हल्की बातों को भारी माना जाए इसके लिए देते हैं वे बड़े-बड़े और भारी-भारी तर्क जब भी उन्हें समझाया जाए उनके हल्के होने के बारे में तो उतर आते हैं वे अपने हल्केपन पर। लेखक : सुमित प्रताप सिंह […]

हास्य व्यंग्य

लघु व्यंग्य : तलाश

 गोवंश उदास हो तलाश कर रहा है असहिष्णुता का ढिंढोरा पीटनेवाले उन महानुभावों को जो पिछले दिनों कुछ अधिक ही सक्रिय रहे। वे खूब चीखे, चिल्लाए और विधवा विलाप कर अपनी छातियाँ पीटते हुए असहिष्णुता मन्त्र का जाप करते रहे। उन्होंने अपना सारा दमखम लगा दिया सच को झूठ और झूठ को सच साबित करने में। […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य : बाबा के चरण

“दद्दू गजब हो गया।” घीसू भागता हुआ आया। दद्दू ने घबराते हुए पूछा, “क्या हुआ बेटा?” “दद्दू बाबा के चरणों में जगह-जगह छेद हो गए हैं।” घीसू ने दुखी हो बताया। दद्दू भी दुखी हो गए, “बेटा अभी कुछ रोज पहले तो बाबा के चरण ठीक-ठाक थे। ये अचानक छेद कैसे हो गए।” “दद्दू बाबा […]

लेख हास्य व्यंग्य

राजदीप सरदेसाई के लगे चाँटे का महत्त्व

राजदीप सरदेसाई को जिस किसी व्यक्ति ने थप्पड़ मारा वह अनुचित है और उसके लिए उसे कानूनी के अनुसार दण्ड मिलना ही चाहिए। बस इस घटना का इतना ही महत्त्व है इतनी सी बात ही काफी है। इससे अधिक ना तो अलोचना या फिर भर्त्सना करने की आवश्यकता है और ना ही किसी विधवा विलाप […]