Category : शैर

  • शैर – अलका जैन

    यूं गुजरने को तो उम्र गुजर ही जायेगी। गर चैन से गुजरती तो जिन्दगी होती। ळळळ दिल के दर्द को इस तरह छुपाया मैंने, कि जैसे दामने दाग छुपाते हैं लोग। ळळळ दर्दो गम में अश्क...