कविता ब्लॉग/परिचर्चा लेख

कविता : जो खुद को सेक्युलर नहीं मानते उनके लिए

बाहर हैं तो अभी सीधा घर जाइये घर जाकर टी.वी. में आग लगाइये सभी जाति -धर्म के लोग दिखाई देगें फिल्म – सीरियल पर नजर दौड़ाइये बच्चों को उस स्कूल में डालिये जहां आपकी जाति के शिक्षक होने चाहिये सामान हर दुकान से मत खरीदिये दुकान भी आपकी जाति धर्म की होनी चाहिए किस धर्म […]