हाइकु/सेदोका

हाइकु (नव-दुर्गा)

हाइकु (नव-दुर्गा)P शैलपुत्री माँ हिम गिरि तनया वांछित-लाभा। ** ब्रह्मचारिणी कटु तप चारिणी वैराग्य दात्री। ** माँ चन्द्रघण्टा शशि सम शीतला शांति प्रदाता। ** चौथी कूष्माण्डा माँ ब्रह्मांड सृजेता उन्नति दाता। ** श्री स्कंदमाता कार्तिकेय की माता वृत्ति निरोधा। ** माँ कात्यायनी कात्यायन तनया पुरुषार्थ दा। ** कालरात्रि माँ तम-निशा स्वरूपा भय विमुक्ता। ** माँ […]

हाइकु/सेदोका

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा)

ये बालक कैसा? (हाइकु विधा) अस्थिपिंजर कफ़न में लिपटा एक ठूँठ सा। पूर्ण उपेक्ष्य मानवी जीवन का कटु घूँट सा। स्लेटी बदन उसपे भाग्य लिखे मैलों की धार। कटोरा लिए एक मूर्त ढो रही तन का भार। लाल लोचन अपलक ताकते राहगीर को। सूखे से होंठ पपड़ी में छिपाए हर पीर को। उलझी लटें बरगद […]

हाइकु/सेदोका

दीपावली-हाइकु

1.चिराग जला दीपावली की रात उजाला फैला 2.कहाँ उजाला झोंपड़ी के बाहर घना अँधेरा 3. प्रकाश आओ गरीबों की दीवाली जगमगाओ 4. लक्ष्मी चंचला धन के लोभ में क्यों दीपक जला 5. अर्थ की खाई अनर्थ अंधकार तम धिक्कार 6. मन में ज्ञान हृदय में रोशनी लक्ष्य में ध्यान 7. इस दीवाली बोये प्रेम के […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु

विष अमृत है सागर मंथन महाप्रसाद देव असुर करते हैं संग्राम नहीं विराम गोधूलि बेला छाईं नभ लालिमा अट्टहास में शादी की बेला दूल्हा चला अकेला मन का रेला उज्जैन कुंभ है सिंहस्थ भाव अमृत स्नान गंगा यमुना अदृश्य सरस्वती संगम स्नान जापानी काव्य रच सत्रह वर्ण चमके स्वर्ण हायकू विधा सार गर्भित छ्न्द भाव […]

हाइकु/सेदोका

हाइकु

======1======= चली   सजनी , नैना लगा कजरा, छाई  बदरी, ====2===== मेघ  बरसे , सावन मे   फ़ुआर , ओढ़े   छतरी/ ====3====== करे गर्जन, प्रचंड आकाश मे डरपे मन, ====4======== कास फूलत , सकल  बदरिया , आया  बुढ़ापा / ====5====== हरित लता , बिहसित सुमन , धरा जवानी / =========