Category : हिन्दी


  • डूबा हुआ शहर

    डूबा हुआ शहर

    दो दिनों से लगातार पानी बरस रहा था। चारों तरफ पानी ने त्राहि त्राहि मचा रखी थी। घर में पानी भर गया तो मरियम छत पर आकर मदद की राह देखने लगी। “हे प्रभू ये कैसी...

  • तसल्ली

    तसल्ली

    नर्स ऑपरेशन से पहले कुछ दवाएं देने आई तो देखा कि मि. दत्त कुछ परेशान हैं। “घबराइए नहीं सर डॉ. खान माने हुए सर्जन हैं।” मि. दत्त को ऑपरेशन की चिंता नहीं थी। उनकी निगाहें दरवाज़े...

  • आत्मिक सुख

    आत्मिक सुख

    विभूति बाबू के रिटायरमेंट को करीब छह महीने बीत गए थे। उनके कमरे में चारों तरफ साहित्यिक किताबें रखी थीं। वह कागज़ कलम लेकर कुछ लिख रहे थे। तभी उनके चचेरे भाई उनसे मिलने आए। “अभी...

  • स्वागत

    स्वागत

    जीत के ढोल नगाड़े बजाते हुए वह लोग दरवाज़े पर आ गए। “बेदाग छुड़ा लाया तुम्हारे बेटे को। स्वागत करो इसका।” दरवाज़े पर थाली लिए खड़ी रुक्मणी ने अपने पति की आज्ञा का पालन करते हुए...

  • जीवन और श्वास

    जीवन और श्वास

    आलाप और रागिनी छोटे से शहर के बड़े गायक थे। दोनों की म्यूज़िकल नाइट्स शहर में धमाल मचा रही थीं। दोनों का रिश्ता ऐसा था जैसे कि जीवन का श्वास से। अपना शहर जीत लेने के...

  • सीख

    सीख

    रजत बड़ी उम्मीद के साथ अपने न्यूज़ चैनल के एडिटर के सामने खड़ा था। “सर उस दिन निर्माणाधीन पुल के गिरने से हुए हादसे को मैंने पर्त दर पर्त उधेड़ दिया है। आज शाम प्राइम टाइम...

  • हम ज़िंदा कब थे?

    हम ज़िंदा कब थे?

    हम ज़िंदा कब थे? अगर हम ज़िंदा होते तो किसी औरत को बलात्कार नहीं सहते किसी व्यक्ति की निंदा नहीं करते भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाते न कि उसमे भागीदारी बनते अगर हम ज़िंदा होते तो...

  • समय के अनुसार

    समय के अनुसार

    गुप्ता जी अपने मित्र के प्रश्न की प्रतीक्षा कर रहे थे। वह जानते थे कि एक अर्से के बाद मिले उनके प्रिय मित्र उनके जीवन के नए बदलाव के विषय में जानने को उत्सुक थे। इसी...

  • बहार का मौसम

    बहार का मौसम

    अगले कमरे से आ रही ठहाकों की आवाज़ में जगत न्यूज़ नहीं सुन पा रहे थे। उन्होंने टीवी बंद कर दिया और जाकर सबके साथ बैठ गए। बीते दिनों की बातें चल रही थीं। “पापा आपको...