गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल : कौन साथ ले जा पाया है…

कौन किसी का खाता है अपनी किस्मत का सब खाते मिलने पर सब होते खुश हैं ना मिलने पर गाल बजाते कौन साथ ले जा पाया है रुपया पैसा महल अटारी धरा ,धरा पर ही रह जाता इस दुनिया से जब हम जाते इन्सां की अब बातें छोड़ों ,हमसे अच्छे भले परिंदे मंदिर मस्जिद गुरूदारे […]