प्रभु साया
साया प्यार दुलार का, मात पिता का छत्र।
शीतल छाया स्नेह की, खिलता सौरभ इत्र।।
खिलता सौरभ इत्र, महकती जीवन बगिया।
ठंडी-ठंडी ठाँव, गीत गाये मन रसिया।।
हरा-भरा है गाँव, नेह से मन हर्षाया।
दर्शन चारों धाम, जन्मदाता प्रभु साया।।
साया प्यार दुलार का, मात पिता का छत्र।
शीतल छाया स्नेह की, खिलता सौरभ इत्र।।
खिलता सौरभ इत्र, महकती जीवन बगिया।
ठंडी-ठंडी ठाँव, गीत गाये मन रसिया।।
हरा-भरा है गाँव, नेह से मन हर्षाया।
दर्शन चारों धाम, जन्मदाता प्रभु साया।।