कुण्डली/छंद

गुरु

गुरु है तारणहार, साधना पथ हम बढते।

जीवन का उद्धार, ज्ञान जल गगरी भरते।

सपनों को दे पंख, महाज्ञानी शिक्षक है।

मन में हैं विश्वास, धर्म गुरु हितचिंतक है।।

*चंचल जैन

मुलुंड,मुंबई ४०००७८