अकेला
वो समझते हैं मैं अकेला हूँ
मैं अकेला कहाँ
सत्य तो यह है कि मैं खुद के साथ बैठा हूँ
मैं हूँ मेरा बिम्ब
हम दोनों बात करते हैं
खुद आपस में
वह प्रश्न गड़ता किस्म किस्म के
मैं उसको उत्तर देता जाता ह
एक अंतहीन प्रश्न उत्तरों की श्रँखला जारी रहती
हम दोनों व्यस्त रहते आपस में
बताओ कहाँ हूँ मैं अकेला
