कुण्डली/छंद नील कंठ *चंचल जैन 16/07/202516/07/2025 नील कंठ प्रिय देव, उमापति प्रभु विश्वेश्वर। हरिहर भोले नाथ, कृपा निधि हो शशि शेखर।। ललाटाक्ष सर्वेश, विश्व वल्लभ गंगाधर। भक्तों के शितिकंठ, सदाशिव शम्भु प्रभाकर।।