कुछ करना होगा
जीवन बना मेरा एक संग्राम
इससे लड़ना मेरा है काम
हारूं या फिर मै जीतूं
जरूर मिलेगा खास एक नाम ।।
पीछे हटा दफन हो जाएगा अरमान
फिर मैं किसके सहारे खोजूंगा मान
जिंदगी तो हार जीत की पुड़िया है
मेरे सपनों में कहां होगा कोई जान।।
जीवन बाधाओं का है समंदर
लक्ष्य ना हो कभी इसके अंदर
हौशला सदा बुलंद रखना होगा
तभी हो बन पाऊंगा मै सिकंदर।।
जिंदगी तो हर कोई काट लेता है
चींटी में भी तो यह गुण होता है
पर मै तो ईश्वर का एक भेंट हूं
मेरा तो जीवन मे लक्ष्य होता है।।
हालात को आड़े हाथ लेना होगा
मुझे तो कुछ खास करना होगा
रोजी रोटी की काज सब करता है
समाज का आस पूरा करना होगा।।
जिस मिट्टी की मैंने अन्न खाया
उसकी कर्ज तो चुकाना होगा
अहसान फरामोश नही बनना है
मुझे तो अपना फर्ज निभाना होगा।।
हमारा इतिहास एक गवाह है
जिसने भी करने को ठाना है
परिस्थितियां जैसे भी रहा हो
चुनौतियों ने भी उसे माना है।।
ध्यान रखना होगा सदा मुझे
जीवन कहीं गुमनाम ना हो जाए
कुछ तो ऐसा विशेष करना होगा
यह जीवन वतन के नाम हो जाए।।
— लक्ष्मीनारायण सेन
