गीत/नवगीत

एक दिया शहीदों के नाम

स्वतंत्रता दिवस के शुभ पर्व पर
केवल जश्न में ही न डूब जाए
जिनकी कुर्बानी से मिलीआजादी
एक दिया उनके नाम का जलाएं

स्वाधीनता का है यह ७९ वां वर्ष
घर-घर तिरंगा है मुखड़ों पर हर्ष
आजादी की शमां सदा जगमगाए
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं

सीमाओं पर जो हैं, हरदम चौकस
राष्ट्र सुरक्षा पर है जिनका फोकस
ऐसे जाबांजों को शीष नवाएं
एक दिया शहीदों, के नाम जलाएं

तूफानों का डटकर सामना करते
बड़ी-बड़ी विपदाओं से वे लड़ते
हमारे लिए जो अपनी जान गवाएं
एक दिया उनके नाम का जलाएं

अनुशासन ही जिनका मूल मंत्र है
निष्ठा और समर्पण अहम यंत्र है
कारगिल जंग में निज प्राण गंवाए
एक दिया उनके नाम का जलाएं।

नफा नुकसान वो नही सोचते हैं
देश को ही सर्वोपरि रखते हैं
चाहे तिरंगे में ही लिपट कर आएं
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं।

शांति हो या फिर हो युद्धकाल
हौंसले इनके पाएंगे सदा विशाल
कदम इनके कभी न डगमगाएं
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं

त्वरित निर्णय लेने में हैं ये माहिर
कष्ट अपने जल्दी करते न जाहिर
मातृभूमि के लिए सब सह जाएं
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं।

पन्द्रह अगस्त राष्ट्रीय पर्व हमारा
लहराता रहे विश्व तिरंगा प्यारा
आन-बान-शान सदा बढ़ती जाए
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं।

केवल जश्न में ही न डूब जाएं
एक दिया शहीदों के नाम जलाएं।

— नवल अग्रवाल

*नवल किशोर अग्रवाल

इलाहाबाद बैंक से अवकाश प्राप्त पलावा, मुम्बई