उत्कृष्ट रही अंतस् की 73वीं काव्य गोष्ठी

भक्ति काल में अपने उरूज़ पर रहे दोहा- विधा पर इस विशिष्ट गोष्ठी में विभिन्न विषयों-भ्रूण हत्या , पर्यावरण, साहित्य सृजन, राजनीति, प्यार, बरसात, धर्म, पूण्य आदि -आदि पर आधारित उत्तम दोहों का वाचन हुआ।
विशेष सत्र रहा जिसमें प्रसिद्ध दोहाकार और नाट्य कर्मी श्री नरेश शांडिल्य जी ने गोष्ठी को दोहा-प्रयोगशाला का स्वरूप दे दिया। दोहों की विभिन्न विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसकी क्षमताओं को रेखांकित किया तथा उपस्थित कवि-कवयित्रियों के प्रश्नों के संतुष्टि दायक उत्तर भी दिए साथ ही अपने प्रचलित दोहे पढ़कर सभी को मंत्रमुग्ध किया।
प्रसिद्ध दोहाकार श्री मनोज कामदेव ने भी मुख्य अतिथि के दायित्व निभाते हुए एक संक्षिप्त उद्बोधन दिया।
संयोजन-संचालन संस्था की अध्यक्ष प्रसिद्द कवयित्री डॉ पूनम माटिया का रहा। सरस्वती वंदना श्रीमती सोनम यादव ने प्रस्तुत की।
दोहा-पाठ की श्रृंखला में डा.तारा गुप्ता, पूनम सागर, सुशीला श्रीवास्तव, आरती झा, डॉ जयप्रकाश गुप्त, डॉ सरिता गर्ग और स्नेह लता पांडेय ने भी उत्तम दोहे पढ़ें।
अनेक काव्य-रसिक श्रोताओं के साथ अंतस् के संरक्षक नरेश माटिया और कंवल कोहली जी पूर्ण आयोजन में अपनी सकारात्मक प्रतिक्रियाओं से सभी का उत्साहवर्धन करते रहे।
