हिन्दी दिवस
बड़ा एक प्यारा ख़ज़ाना है हिन्दी।
हमारे लिए तो ज़माना है हिन्दी।
फकत एक दिन प्यार देना नहीं है
लगातार अच्छी बनाना है हिन्दी।
— हमीद कानपुरी
बड़ा एक प्यारा ख़ज़ाना है हिन्दी।
हमारे लिए तो ज़माना है हिन्दी।
फकत एक दिन प्यार देना नहीं है
लगातार अच्छी बनाना है हिन्दी।
— हमीद कानपुरी