ग़ज़ल
दुश्मनों का अजी छोड़िए, दोस्तों का भरोसा नहीं ।।
कोई ऐसा कदम ना गया, जिसपे खाया हो धोका नहीं ।।
ऐ सितारे जरा गौर कर, तेरा तो चांद सरदार है,,,
किस लिए आज तक फिर तेरी, रौशनी में इजाफा नहीं ।।
आप टिंगडी फसाने की ही, सिर्फ करते रहे कोशिशें,,,
वो उछल कर निकल जाएगा, आप ने ये तो सोचा नहीं ।।
हमसफ़र हम जुबां आप ही, आप ही बन चुके जिन्दगी,,,
आप को पा लिया शेष अब,दिल की कोई तमन्ना नहीं ।।
— समीर द्विवेदी नितान्त
