दीपावली पर दोहे
दीपोत्सव की रात में, मन का दीप जलाय।
ज्ञान ज्योति आलोक दे, सत की राह दिखाय।।
दीपों की रोशनी से, जगमग हो संसार।
अंधकार को दूर कर, फैले प्रेम अपार।
ज्ञान का दीप जलाकर, हम पाएं सुख संत।
दीप मालिका दीप से, फ़ैले ज्ञान अनंत।।
प्रेम, ज्ञान आलोक से, दीप जलाएं नीर।
प्रकाश पर्व की रात, बढ़े प्रेम की धीर।।
