धैर्य रखिये
जीवन में उतावलापन ठीक नहीं होता
अरे भई थोड़ा सा तो धैर्य रखिये,
जिसका फल बहुत मीठा होता है
इत्मीनान से चखिये,
सरकार कोई जिन्न तो नहीं कि
मेरा क्या हुकुम आका कह
जो मांगा जाए वो दे दे,
सबको रोजगार देना खेल तो नहीं है,
सब कोई चढ़े खाली डिब्बे वाला रेल तो नहीं है,
शिक्षा व्यवस्था सुधारने का
भरपूर प्रयास चल रहा है,
शिक्षकों की संख्या कम कर रहे हैं,
व्यवस्था द्रुत गति से सुधर रहे हैं,
अभी रोजगार मत मांगिए बेरोजगारों,
पहले निजीकरण कर लें
यदि बच जाए तो मिलेगी नौकरी जरा विचारो,
हम अपनी संस्कृति क्यों भूल रहे,
हम तो चाहते हैं वार्तालाप में सब मशगूल रहें,
जितने ज्यादा व्यस्त रहेंगे
धैर्य उतना ही बढ़ता जाता है,
लोगों की सहनशक्ति सुधरता जाता है,
धैर्यवान को सब कुछ हासिल होता है,
धैर्य रखते रखते व्यक्ति कबर में जा सोता है,
बेरोजगार युवा आगे जाकर नेता बनेगा,
धैर्यवान लोगों का बहुत बड़ा प्रणेता बनेगा।
— राजेन्द्र लाहिरी
