गीतिका/ग़ज़ल

गजल

पप्पू की खोपड़ी का कैसा कमाल बा
हर बात में देखो करता बवाल बा

देशभर में बकवास करता फिरता है
विदेशों से लाता कमाकर के माल बा

कभी “वोट चोरी” का आरोप लगाता
कभी ईवीएम पर ही करता धमाल बा

जनता का वोट नहीं पाता कहीं भी
चुनाव आयोग पर उठाता सवाल बा

जोकर सरीखी करता है बस हरकतें
इन्दिरा का पोता व सोनिया का लाल बा

क्या बोलता है उसे खुद भी पता नहीं
बिना सोचे समझे बजाता है गाल बा

“बीजू” वो पाता है गीदड़ की मौत भी
चलता हमेशा जो गीदड़ की चाल बा

— बीजू ब्रजवासी
मार्गशीर्ष कृ. ७, सं. २०७२ वि. (११ नवम्बर, २०२५)