भाजपा की जीत के कारण
भाजपा और मोदी की लगातार जीत ने खान्ग्रेस एवं अन्य विपक्षियों को इस कदर हताश कर दिया है कि वे लगभग पागल से हो चुके हैं. लेकिन मुश्किल ये है कि वे भारत की जनता को भी अपनी ही तरह पागल समझते हैं.
आप एक ही उदाहरण देख लें. सबसे पहले पप्पू एंड कंपनी ने हल्ला फैलाया कि भाजपा ईवीएम हैक करती है. रोज टीवी पर आकर एक ही रट्टा मारने लगे कि हम उ सब नहीं जानते हैं. हम तो सिर्फ ये जानते हैं कि भाजपा ईवीएम हैक करती है. जब ये मुद्दा नहीं चला तो फिर हल्ला करने लगी कि अरे, भाजपा ईवीएम हैक करती है सो करती ही है.साथ में वोट चोरी भी करती है. उसने वोटर लिस्ट में बहुत से फर्जी नाम जोड़ रखे हैं.
अब लोग यही नहीं समझ पा रहे हैं कि. अगर भाजपा ईवीएम ही हैक कर लेती है तो फिर उसे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर वोट चोरी की जरूरत ही क्या है? और, अगर वो वोट चोरी करती है तो फिर इसका मतलब तो यही हुआ कि ईवीएम ठीक रहती है.
इतना तक भी रहे तो चलो ठीक है. जब इन सबका कोई असर नहीं पड़ा तो उन्होंने एक नया शिगूफा छोड़ दिया कि. ‘अरे, पुलवामा हमला भाजपा ने ही चुनाव जीतने के लिए करवाया था.’ कुछेक चम्पक तो यहाँ तक कहने लगे कि अभी दिल्ली के लालकिले के पास हुआ हमला भी खुद भाजपा ने ही करवाया है, ताकि लोग सुरक्षा के नाम पर भाजपा को वोट देने पर मजबूर हो जाएं.
अब लोग और भी ज्यादा कंफ्यूज हो गए कि जब भाजपा ईवीएम ही हैक कर लेती है तो फिर वोट चोरी क्यों करती है? और, अगर भाजपा सीधे वोट चोरी ही कर लेती है तो वो वोट लेने हेतु पुलवामा और दिल्ली हमला क्यों करवाएगी?
इन सबके बाद तो जनता तो अपने बाल नोचने पर ही आ गई जब खान्ग्रेस और उसके चंपको ने ये कहना शुरू कर दिया कि. ‘अरे, बिहार में नीतीश ने सभी महिला को 10-10 हजार दे दिया न, इसीलिए भाजपा जीती.’ मतलब कि. हर महिला को 10-10 हजार दे दिया, जिसके बाद भाजपा स्क्रू ड्राइवर लेकर ईवीएम हैक करने के लिए स्ट्रांग रूम में बैठ गई?
अरे भाई. सब बकवास ठीक है, क्योंकि, हारने वाला कुछ न कुछ बकवास तो करबे करेगा. लेकिन, पहले आपस में फैसला तो कर लो कि आखिर बकवास करनी क्या है? भाजपा ईवीएम हैक करती है कि मतदाता सूची के जरिए चोरी करती है.या फिर, दिल्ली हमले करवाकर जीतती है या कि महिलाओं को 10-10 हजार देकर जीतती है?
भाई मेरे , हमलोग जानते कि तुमलोग पप्पू हो. लेकिन, हमलोग थोड़े ही हैं बे. क्यों हमारे दिमाग की दही करने में लगा हुए हो? और, हाँ. चुनाव में हार का कोई एक नया और अच्छा सा बहाना खोजकर रख लो क्योंकि भाजपा बहुत ही जल्द बंगाल भी जीतने जा रही है. आगामी चुनाव में भाजपा बंगाल में भी ऐसी जीत दर्ज करने जा रही है जिसका इतिहास बन जायेगा.
कारण जानते हो इसका? इसका कारण है एसआईआर! प्राथमिक सूचना ऐसी मिल रही है कि बंगाल हो रहे एसआईआर ने चुनाव आयोग के भी होश उड़ा रखे हैं क्योंकि दक्षिण बंगाल से ऐसी ही खबरें आ रही हैं. दक्षिण बंगाल में मात्र 32 प्रतिशत लोगों के ही नाम 2003 के वोटर लिस्ट से मिल रही है.
(फेसबुक से साभार)
