मौत
जिंदगी आगाज़ है अन्जाम यारो मौत है
इस सफर का आखिरी पैगाम यारो मौत है
व्याधियों से टूटता लाचार तन बेबस सा मन
ऐसे तन मन के लिए इनाम यारो मौत है
बेसबब बेकार बोझिल आज कल है ज़िन्दगी
खुशनुमा खामोश पर गुमनाम यारो मौत है
रुस जो सारी उमर चल कर थकी हैरान हैं
दो घड़ी उसके लिए आराम यारों यारो मौत है
जागती सुन कर जिसे चोला बदलने की ललक
आत्मा के वास्ते वो नाम यारो मौत है
— मनोज
