सामाजिक

सीनियर सिटीजन, नया अध्याय, स्वर्णिम उम्र की शुरुआत

आपका  सीनियर सिटीज़न बनना जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ अनुभवों की समृद्धि के साथ हम ज़िंदगी के अगले चरण में कदम रखते हैं। इस अवस्था में जीवन को सावधानी से और समझदारी के साथ जीना अत्यंत आवश्यक होता है, ताकि स्वास्थ्य ठीक रहे और मन भी शांतिपूर्ण रहे।आपको सबसे पहले अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना होगा। हल्का-फुल्का व्यायाम, संतुलित आहार, और नियमित जांच करवाते रहना आज की प्राथमिक ज़रूरत है। साथ ही, अपनी दिनचर्या में योग और ध्यान को शामिल करें ताकि तन-मन दोनों स्वस्थ बने रहें। साथ ही, अपने मन को दिमागी व्यस्तता से भरें, जैसे किताबें पढ़ना, छोटे-छोटे लेख लिखना या परिवार के साथ मिलकर बातचीत करना ।जीवन की इस अवस्था में आपको चाहिए कि आप अपने आसपास के लोगों से जुड़ाव बनाए रखें। परिवार, दोस्त और समाज के बीच समय बिताएं, जिससे न केवल आपकी मानसिक स्थिति मज़बूत होगी, बल्कि आपको अपने आप को उपयोगी और महत्वपूर्ण महसूस करने का मौका भी मिलेगा। अपने अनुभव और ज्ञान से दूसरों की मदद करें, जिससे आप खुद भी जीवन में खुशी पा सकें ।वित्तीय सुरक्षा का ध्यान रखें और सरकारी लाभों तथा योजनाओं का सही उपयोग करें। अपने आराम और सुविधा के लिए उपलब्ध संसाधनों को अपनाएं, परन्तु हमेशा सोच समझकर और संयम से निर्णय लें। याद रखें, यह समय है अपने लिए, इसलिए सादगी और संतुष्टि को अपनाना ही सर्वोत्तम मार्ग है।अंत में, जीवन के इस सुनहरे दौर का स्वागत करें, अपने आप को नयी चुनौतियों और खुशियों के लिए तैयार रखें, क्योंकि जीवन की असली खूबसूरती इसी संतुलन और समझदारी में है। आपका अनुभव आपका सबसे बड़ा सहारा है, और सावधानी से जिए जाने वाला यह समय आपके लिए सदैव सुखद और समृद्ध होगा।

— डॉ. मुश्ताक अहमद शाह 

डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह

पिता का नाम: अशफ़ाक़ अहमद शाह जन्मतिथि: 24 जून जन्मस्थान: ग्राम बलड़ी, तहसील हरसूद, जिला खंडवा, मध्य प्रदेश कर्मभूमि: हरदा, मध्य प्रदेश स्थायी पता: मगरधा, जिला हरदा, पिन 461335 संपर्क: मोबाइल: 9993901625 ईमेल: dr.m.a.shaholo2@gmail.com शैक्षिक योग्यता एवं व्यवसाय शिक्षा,B.N.Y.S.बैचलर ऑफ़ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस. बी.कॉम, एम.कॉम बी.एड. फार्मासिस्ट आयुर्वेद रत्न, सी.सी.एच. व्यवसाय: फार्मासिस्ट, भाषाई दक्षता एवं रुचियाँ भाषाएँ, हिंदी, उर्दू, अंग्रेज़ी रुचियाँ, गीत, ग़ज़ल एवं सामयिक लेखन अध्ययन एवं ज्ञानार्जन साहित्यिक परिवेश में रहना वालिद (पिता) से प्रेरित होकर ग़ज़ल लेखन पूर्व पद एवं सामाजिक योगदान, पूर्व प्राचार्य, ज्ञानदीप हाई स्कूल, मगरधा पूर्व प्रधान पाठक, उर्दू माध्यमिक शाला, बलड़ी ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी, बलड़ी कम्युनिटी हेल्थ वर्कर, मगरधा साहित्यिक यात्रा लेखन का अनुभव: 30 वर्षों से निरंतर लेखन प्रकाशित रचनाएँ: 2000+ कविताएँ, ग़ज़लें, सामयिक लेख प्रकाशन, निरन्तर, द ग्राम टू डे, दी वूमंस एक्सप्रेस, एजुकेशनल समाचार पत्र (पटना), संस्कार धनी (जबलपुर),जबलपुर दर्पण, सुबह प्रकाश , दैनिक दोपहर,संस्कार न्यूज,नई रोशनी समाचार पत्र,परिवहन विशेष,समाचार पत्र, घटती घटना समाचार पत्र,कोल फील्ड मिरर (पश्चिम बंगाल), अनोख तीर (हरदा), दक्सिन समाचार पत्र, नगसर संवाद, नगर कथा साप्ताहिक (इटारसी) दैनिक भास्कर, नवदुनिया, चौथा संसार, दैनिक जागरण, मंथन (बुरहानपुर), कोरकू देशम (टिमरनी) में स्थायी कॉलम अन्य कई पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर रचनाएँ प्रकाशित प्रकाशित पुस्तकें एवं साझा संग्रह साझा संग्रह (प्रमुख), मधुमालती, कोविड, काव्य ज्योति, जहाँ न पहुँचे रवि, दोहा ज्योति, गुलसितां, 21वीं सदी के 11 कवि, काव्य दर्पण, जहाँ न पहुँचे कवि (रवीना प्रकाशन) उर्विल, स्वर्णाभ, अमल तास, गुलमोहर, मेरी क़लम से, मेरी अनुभूति, मेरी अभिव्यक्ति, बेटियां, कोहिनूर, कविता बोलती है, हिंदी हैं हम, क़लम का कमाल, शब्द मेरे, तिरंगा ऊंचा रहे हमारा (मधुशाला प्रकाशन) अल्फ़ाज़ शब्दों का पिटारा, तहरीरें कुछ सुलझी कुछ न अनसुलझी (जील इन फिक्स पब्लिकेशन) व्यक्तिगत ग़ज़ल संग्रह: तुम भुलाये क्यों नहीं जाते तेरी नाराज़गी और मेरी ग़ज़लें तेरा इंतज़ार आज भी है (नवीनतम) पाँच नए ग़ज़ल संग्रह प्रकाशनाधीन सम्मान एवं पुरस्कार साहित्यिक योगदान के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त पाठकों का स्नेह, साहित्यिक मंचों से मान्यता मुश्ताक़ अहमद शाह जी का साहित्यिक और सामाजिक योगदान न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि पूरे हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है। आपकी लेखनी ने समाज को संवेदनशीलता, प्रेम और मानवीय मूल्यों से जोड़ा है। आपके द्वारा रचित ग़ज़लें और कविताएँ आज भी पाठकों के मन को छूती हैं और साहित्य को नई दिशा देती हैं।

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