मेरा दर्द क्यों नहीं ठहर जाता
गर्मी की धूप
सड़क के धूल में बसी
मौन की आह
साँसों की राह
दिल की वीरानी में खो
एक अधूरी धुन
सुनसान शाम
छाँव ढूँढती आँखें
आंसू बहते
हवा का झोंका
खुशबू यादों की लाता
मन बहलता
चाँदनी रात
सपनों के टूटते घर
छुपा ले दर्द
बरसात की बूँद
सड़कों पर नाचती है
भीगी तन्हाई
पत्तों की सरसराहट
अतीत की बातें लाती
दिल बहलता
सन्नाटा गहरी
अधूरी कविताओं में
सांत्वना छिपी
— डॉ. अशोक
