बिंदी
वो चाहे माथे पर हो
या फिर हो हिंदी में
बिंदी हमारी शान है
बिंदी हमारी आन है
भुलाकर अपनी संस्कृति
ये कहाँ हम हैं जा रहे
दूसरों की अंधी दौड़ में
क्यों अस्तित्व अपना भुला रहे
वो चाहे माँ में हो
या फिर बसी हो अंग्रेजी में
बिंदी हमारी शान है
बिंदी हमारी आन है
फैशन की होड़ में
सिंदूर की रीत भी मिट रही
ये कैसी है हवा चली
चूड़ियों भी लुप्त हो रहीं
सुंदरता में चार चाँद लगाती है
विश्व में भी अपना मान बढ़ाती है
बिंदी हमारी शान है
बिंदी हमारी आन है
— वर्षा वार्ष्णेय
