मकर संक्रान्ति
आया है पर्व अति विशेष लेकर “आनंद” शुभकामनाएं,
आदित्य का मकर राशि में हुआ प्रवेश बढ़ी संभावनाएं,
झूमेगी फसलें लहलहाएगें खेत भास्कर हुए उत्तरायण,
स्वीकारेंगे ईश अब सभी की भावों भरी सारी प्रार्थनाएं ।
बाल, युवा, वृद्ध, नर-नारी प्रसन्न हुआ है मनस प्रत्येक,
संपूर्ण भारत में प्रसिद्ध त्यौहार एक जिसके नाम अनेक,
लोहड़ी, पोंगल, बिहू, मकर संक्रान्ति उत्सव है मनहरण,
जनमानस के जीवन में करता ये खुशियों का अभिषेक ।
जीवन को भर देता दुआओं से यह महोत्सव है सुखकर,
तिल स्नान दान धर्म शुभ कर्मों को करने का सुअवसर,
प्रकृति को कर आभार नवीन खुशियों को देंगे आमंत्रण,
रंगीली पतंगों संग आसमान में हुड़दंग करेंगे हॉं जमकर ।
भारत बसता है हर एक घर में झलकती है छवि सुनहरी,
हर राज्य है ख़ुशहाल जहॉं और खिली-खिली हर नगरी,
विभिन्नताओं में अनेक कलाओं में भारतवासी विलक्षण,
विविधताओं में भी यहॉं धूम मची है एकता की गहरी ।
— मोनिका डागा “आनंद”
