धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विश्वकर्मा पूजन दिवस गजट के अनुसार हो

जयंती और दिवस दोनों ही शब्दों का उपयोग विशेष अवसरों या तिथियों को मनाने के लिए किया जाता है, लेकिन इन दोनों में कुछ अंतर है:

जयंती : जयंती किसी व्यक्ति के जन्मदिन या किसी विशेष घटना के अवसर पर मनाई जाती है। यह एक व्यक्ति या घटना की स्मृति में मनाई जाती है और अक्सर इसका उपयोग महान व्यक्तियों, नेताओं, या सांस्कृतिक हस्तियों के जन्मदिन के अवसर पर किया जाता है।

दिवस : दिवस एक व्यापक शब्द है जो किसी भी विशेष दिन या अवसर को मनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यह एक विशिष्ट तिथि या अवधि हो सकती है जो किसी विशेष कारण या विषय के लिए समर्पित होती है, जैसे कि विश्व महिला दिवस, पर्यावरण दिवस, या स्वतंत्रता दिवस।

सरल शब्दों में कहें, तो जयंती एक व्यक्ति या घटना की स्मृति में मनाई जाती है, जबकि दिवस एक व्यापक अवधारणा है जो किसी भी विशेष अवसर या तिथि को मनाने के लिए उपयोग की जा सकती है।

बात विश्वकर्मा जयंती या पूजन दिवस की है।17 नवम्बर को विश्वकर्मा पूजन दिवस मप्र सरकार द्वारा घोषित है। पहले से ऐच्छिक  ही था। जो 23 ऐच्छिक अवकाश मेसे कोई भी 3 अवकाश साल में ले सकते है। इसे अब सामान्य अवकाश गजट में घोषित  किया गया है। क्या तिथि से इस पूजन दिवस को मनाया जाने बाबद। भिन्न भिन्न मत है। जो उचित नहीं क्योंकि पक्ष के हिसाब से तिथियां भी घट बड़ जाती है। जो भ्रम उतपन्न करती है। अतः सुझाव है कि 17 सितम्बर को ही शासकीय घोषित सामान्य अवकाश को मनाया जाए।

— संजय वर्मा “दृष्टि”

*संजय वर्मा 'दृष्टि'

पूरा नाम:- संजय वर्मा "दॄष्टि " 2-पिता का नाम:- श्री शांतीलालजी वर्मा 3-वर्तमान/स्थायी पता "-125 शहीद भगत सिंग मार्ग मनावर जिला -धार ( म प्र ) 454446 4-फोन नं/वाटस एप नं/ई मेल:- 07294 233656 /9893070756 /antriksh.sanjay@gmail.com 5-शिक्षा/जन्म तिथि- आय टी आय / 2-5-1962 (उज्जैन ) 6-व्यवसाय:- ड़ी एम (जल संसाधन विभाग ) 7-प्रकाशन विवरण .प्रकाशन - देश -विदेश की विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएँ व् समाचार पत्रों में निरंतर रचनाओं और पत्र का प्रकाशन ,प्रकाशित काव्य कृति "दरवाजे पर दस्तक " खट्टे मीठे रिश्ते उपन्यास कनाडा -अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व के 65 रचनाकारों में लेखनीयता में सहभागिता भारत की और से सम्मान-2015 /अनेक साहित्यिक संस्थाओं से सम्मानित -संस्थाओं से सम्बद्धता ):-शब्दप्रवाह उज्जैन ,यशधारा - धार, लघूकथा संस्था जबलपुर में उप संपादक -काव्य मंच/आकाशवाणी/ पर काव्य पाठ :-शगुन काव्य मंच