गीत/नवगीत

आवाहन

जो बनवाए धाम राम का,काम उसी के आना है
मोदी-योगी वाले गठबंधन का बटन दबाना है

जाति-जाति में लड़वाकर, आपस में आग लगाते हैं।
भाषा-भाषा के चक्कर में, लोगों को पिटवाते हैं।
बाला साहेब के सपनों को, मिट्टी में मिलवाते हैं।
गले मिलें उनसे जिनके, औरंगजेब से नाते हैं।

बाबरवंशी के मित्रों को अब यदि सबक सिखाना है
मोदी-योगी वाले गठबंधन का बटन दबाना है

भला लाडली बहना की, स्कीम भुलाओगे कैसे?
टोल टैक्स से मुक्त किए जो, वो बिसराओगे कैसे?
अटल सेतु समृद्धि मार्ग, लखपती बहन को याद करो
सबका साथ, विकास सभी का, भाऊ भूल न पाओगे।

जो मेट्रो का जाल बिछाया, उसका कर्ज चुकाना है
मोदी-योगी वाले गठबंधन का बटन दबाना है

गागाभट्ट कहां से आए, भूषण किसका गान किए।
वीर शिवाजी किनके कारण, आजीवन बलिदान किए।
संभाजी को कैसे मारा, इतनी जल्दी भूले क्या?
उनके साथ खड़े हैं जो, शिवराया का अपमान किए।

ये संतों की पुण्य धरा है,मिलकर अगर बचाना है
मोदी-योगी वाले गठबंधन का बटन दबाना है

जिनके खातिर बचा सनातन, उनको आज बचाएं हम।
रोहिंग्या -बंग्लादेसी से खुद को चलो बचाएं हम।
शांतिदूत के तलवों को, जो चाट रहे उनको रोकें।
आपस की नाराजी तज, फिर हिंदू शक्ति दिखाएं हम।

देवा भाऊ के सपनों को यदि साकार कराना है
मोदी-योगी वाले गठबंधन का बटन दबाना है

— सुरेश मिश्र

सुरेश मिश्र

हास्य कवि मो. 09869141831, 09619872154