महका बाग
महका-महका बाग, भ्रमर सँग कलियाँ चहके।
डोल रही है डाल, ओस मोती सी दमके।।
रवि किरणों की आभ, चेतना कण-कण छाई।
आह्लादित है भोर, सृष्टि सजधज इतराई।।
महका-महका बाग, भ्रमर सँग कलियाँ चहके।
डोल रही है डाल, ओस मोती सी दमके।।
रवि किरणों की आभ, चेतना कण-कण छाई।
आह्लादित है भोर, सृष्टि सजधज इतराई।।