प्रो. शरद नारायण खरे को “वर्तिका ज्ञानश्री राष्ट्रीय अलंकरण”
मंडला-देश की सुप्रसिद्ध साहित्य संस्था ” वर्तिका ” ने जबलपुर के आर्यसमाज भवन में अपना वार्षिकोत्सव व राष्ट्रीय अलंकरण समारोह आयोजित किया,जिसकी अध्यक्षता महाकवि आचार्य भगवंत दुबे ने की,तथा मुख्य अतिथि के रूप में बार कौंसिल के अध्यक्ष अशोक मनोध्या की उपस्थिति रही। सारे देश से चयनित कुछ साहित्यकारों में मंडला के वरिष्ठ साहित्यकार ,शिक्षाविद व शासकीय जगन्नाथ मुन्नालाल चौधरी महिला महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर शरद नारायण खरे का चयन भी हुआ,जिन्हें “वर्तिका ज्ञानश्री राष्ट्रीय अलंकरण” से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए वर्तिका के अध्यक्ष संतोष नेमा “संतोष” व राजेश पाठक “प्रवीण” ने प्रो.शरद नारायण खरे की पाँच दशकीय साहित्य सेवा पर विस्तृत प्रकाश डाला,तथा सृजन व क्रियाशीलता की भूरि-भूरि प्रशंसा की,और उन्हें महाकौशल का गौरव निरूपित किया। पत्र-पत्रिकाओं में सतत प्रकाशित होने के साथ ही प्रो.खरे मंचों,रेडियो,टीवी आदि से भी प्रस्तुतियाँ देते आ रहे हैं।उनकी अनेक कृतियाँ प्रकाशित व चर्चित हैं। वे इतिहास की अनेक पुस्तकों के लेखक भी हैं।उन्हें देश भर की अनेक संस्थाओं ने सम्मानित किया है,तथा वे साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश से भी पुरस्कृत हैं।आयोजन में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नरसिंहदेव आचार्य जी की विशेष उपस्थिति रही।संचालक राजेश पाठक प्रवीण व आशुतोष तिवारी ने किया। संयोजक विजय नेमा अनुज रहे।
