कुण्डली/छंद अरुण छंद *चंचल जैन 23/02/202623/02/2026 चाँदनी, प्रेम की, गंग-सी पावनी। रश्मियाँ, नेह की, मोद मन फाल्गुनी।। उर्जिता, प्रेम अरु, शांति की हो नमी। साजना, प्रीत मधु, बंध हो रेशमी।।