वफ़ा
फैला दो हवाओं में
पैगाम मेरा
कि हम तेरे शहर में
वफ़ा बाटने आये है।
लेकर ग़म तेरे
नसीब में अपने,
तेरा नाम अपनी
तकदीर लिखने आये है।
वो जो कहते हैं लोगों से
कुछ भी न मिलता
यूँ सोचने से
उनको कह दो
हम उनको अपने
नसीब में लिखने आए हैं।
— डॉ. राजीव डोगरा
फैला दो हवाओं में
पैगाम मेरा
कि हम तेरे शहर में
वफ़ा बाटने आये है।
लेकर ग़म तेरे
नसीब में अपने,
तेरा नाम अपनी
तकदीर लिखने आये है।
वो जो कहते हैं लोगों से
कुछ भी न मिलता
यूँ सोचने से
उनको कह दो
हम उनको अपने
नसीब में लिखने आए हैं।
— डॉ. राजीव डोगरा