जय दशा माता
ममता की छाया, श्रद्धा का दीप,
भक्ति के पथ की उजली प्रदीप।
दशा माता की महिमा न्यारी,
संकट हरें, करें खुशहाली सारी।।
सूने आँगन में आशा जगाएँ,
विपदा में भी मुस्कान सिखाएँ।
श्रद्धा से जो उनका ध्यान करे,
भाग्य का दीप स्वयं ही धरे।।
सूत्र की गाँठों में विश्वास बसे,
मन में अटूट उल्लास सजे।
दशा माता की कृपा अपार,
जीवन में भर दे सुख-भंडार।।
व्रत, नियम और पावन पूजा,
मन को देती नई दिशा माता।
संकल्पों का दीप जलाएँ,
दशा माता से शक्ति पाएँ।।
आओ मिलकर वंदन करें,
भक्ति से जीवन सुंदर करें।
दशा माता का वरदान यही
हर पल उज्जवल , हर्षमय।।
— गोपाल कौशल भोजवाल
