कलम की चिंता ज़रूरी है
कलम की चिंता
शब्दों का दीप जलाए
मन को राह दे।
सूखी स्याही भी
सपनों को रंग देती
नई सुबह में।
कलम है साथी
सच की आवाज़ बनकर
चलती रहती।
कागज़ के आँगन
विचारों के फूल खिलें
ज्ञान की खुशबू।
कलम बचाना
संस्कृति की धरोहर
आने वाली।
पीढ़ियाँ पढ़ेंगी
लिखे हुए ये अक्षर
जीवन संदेश।
कलम की शक्ति
अंधेरों को हराकर
उजाला करे।
लेखनी का मान
रखना है हम सबको
भविष्य हेतु।
— डॉ. अशोक
